शक्ति: सरस्वती शिशु मंदिर में 9वीं के छात्र को प्रिंसिपल ने बाल पकड़कर जमीन पर पटका, सिर और पैर में आई चोट; FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के शक्ति क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक निजी विद्यालय में कक्षा नौवीं में पढ़ने वाले एक छात्र के साथ स्कूल के प्राचार्य (प्रिंसिपल) द्वारा कथित तौर पर की गई बर्बर मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि प्राचार्य ने छात्र को हाथ और मुक्कों से पीटा ही नहीं, बल्कि उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर जोर से पटक दिया। इस घटना में छात्र के सिर, पीठ और बाएं घुटने में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित छात्र के परिजनों ने इस मामले में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
यह पूरा मामला शक्ति क्षेत्र के चंद्रपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल का बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र इसी विद्यालय में कक्षा नौवीं का छात्र है। छात्र के परिजनों ने लगाए गए आरोपों में स्पष्ट किया है कि यह मारपीट स्कूल परिसर में ही हुई। परिजनों का कहना है कि उक्त छात्र स्कूल के बाथरूम के पास खड़े होकर अपने किसी सहपाठी (क्लासमेट) से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान स्कूल के प्राचार्य वहां पहुंचे और उन्होंने छात्र के बात करने पर आपत्ति जताते हुए अचानक उस पर हमला कर दिया।
परिजनों ने विस्तार से बताते हुए आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने पहले छात्र को अपने हाथों और मुक्कों से बुरी तरह पीटा। इसके बाद उन्होंने गुस्से में आकर छात्र के बाल पकड़ लिए और उसे जमीन पर जोर से पटक दिया। इस हिंसक कृत्य के कारण छात्र को कई जगहों पर चोटें आईं। विशेष रूप से छात्र के सिर, उसकी पीठ और बाएं घुटने में चोट लगने की बात कही गई है। घटना के बाद छात्र दर्द से कराहता हुआ घर पहुंचा, जिसके बाद परिजनों को इस पूरी घटना की जानकारी मिली। अपने बच्चे की ऐसी हालत देखकर परिजन सकते में आ गए और उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत करने का निर्णय लिया।
परिजनों ने छात्र की चोटों को देखते हुए उसे उपचार के लिए भी ले जाया गया, ताकि सिर और घुटने में लगी चोट का सही आकलन किया जा सके और उसे उचित इलाज मिल सके। इसके बाद परिजन सीधे पुलिस के पास पहुंचे और प्राचार्य के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार बाथरूम के पास सहपाठी से बात करने की सजा के रूप में प्राचार्य ने उनके बच्चे के साथ इतना क्रूर व्यवहार किया। परिजनों ने मांग की है कि आरोपी प्राचार्य के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न हो सके।
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया है। पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (या संबंधित धाराओं) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी। छात्र के बयान, परिजनों की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और स्कूल के अन्य गवाहों या सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हों) के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अभी तक आरोपी प्राचार्य की गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस जांच जारी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर समाज में लगातार संवेदनशीलता बढ़ रही है। स्कूलों को बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है, जहां वे बिना किसी डर के शिक्षा ग्रहण करते हैं। लेकिन जब खुद स्कूल का प्रधानाचार्य ही छात्र के साथ इस प्रकार की हिंसा करता है, तो यह अभिभावकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन जाता है। सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संस्थानों से लोगों की काफी अपेक्षाएं होती हैं, ऐसे में इस तरह की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।
स्थानीय स्तर पर भी इस घटना की काफी चर्चा हो रही है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या मात्र एक सहपाठी से बात करना इतना बड़ा अपराध था कि एक वयस्क और जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को एक नाबालिग छात्र को बाल पकड़कर जमीन पर पटकना पड़ा? शिक्षा के अधिकार और बाल संरक्षण कानूनों के तहत बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे में प्राचार्य का यह कृत्य कानून की स्पष्ट अवहेलना माना जा रहा है।
वहीं, दूसरी ओर अभी तक स्कूल प्रबंधन या आरोपी प्राचार्य की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि स्कूल प्रबंधन ने इस घटना के संज्ञान में आने के बाद प्राचार्य के खिलाफ कोई आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की है या नहीं। फिलहाल पूरा मामला पुलिस के अधीन है और जांच प्रक्रिया चल रही है। ‘वंदे भारत न्यूज़’ इस मामले में आगे आने वाले अपडेट्स और पुलिस की कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए हुए है। पीड़ित छात्र के परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

