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Fri, Oct 9, 2026Updated 7:27 PM IST
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उज्जैन: SBI क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के बहाने अनाज व्यापारी से 76,945 रुपये की ठगी, APK फाइल डाउनलोड कराकर खाता किया खाली

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उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपनी ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक स्थानीय व्यापारी को निशाना बनाया है। महिदपुर क्षेत्र में कार्यरत एक अनाज व्यापारी से साइबर ठगों ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 76,945 रुपये की ठगी कर ली। इस पूरी वारदात में ठगों ने पीड़ित व्यापारी के मोबाइल फोन में एक संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड कराई, जिसके तुरंत बाद उसके खाते से तीन अलग-अलग लेनदेन में रकम निकाल ली गई। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और व्यापारिक वर्ग में डिजिटल धोखाधड़ी को लेकर चिंता का माहौल बन गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला उज्जैन जिले के महिदपुर क्षेत्र का है। पीड़ित व्यक्ति महिदपुर में अनाज का व्यापार करता है। अपने व्यापारिक लेनदेन और अन्य जरूरतों के लिए वह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के क्रेडिट कार्ड का उपयोग करता था। हाल ही में पीड़ित व्यापारी को एक अनजान व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके SBI क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसके लिए कुछ तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। बैंक अधिकारी बनकर बात करने वाले इस शख्स की बातों में आकर व्यापारी ने उस पर भरोसा कर लिया, क्योंकि उसे लगा कि बैंक की ओर से ही कोई नियमित प्रक्रिया के तहत कॉल आई है।

ठग ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के बहाने व्यापारी को निर्देश दिया कि वह अपने मोबाइल फोन में एक विशेष एप्लिकेशन यानी APK फाइल डाउनलोड करे। ठग ने दावा किया कि इस फाइल को इंस्टॉल करने के बाद ही कार्ड की लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। बैंक की मान्यता का झांसा देने वाले ठग की बातों में आकर अनाज व्यापारी ने अपने स्मार्टफोन में भेजे गए लिंक या निर्देशों के माध्यम से वह संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड कर ली। जैसे ही यह फाइल मोबाइल में इंस्टॉल हुई, ठगों को व्यापारी के फोन और उसके बैंकिंग सिस्टम का रिमोट एक्सेस मिल गया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की मैलिशियस APK फाइल्स स्क्रीन शेयरिंग या एसएमएस पढ़ने की अनुमति हासिल कर लेती हैं, जिससे ठगों को ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) और अन्य संवेदनशील जानकारी सीधे मिल जाती है।

APK फाइल डाउनलोड होने के कुछ ही समय बाद व्यापारी के खाते से पैसे कटने शुरू हो गए। ठगों ने एक साथ पूरी रकम निकालने के बजाय तीन अलग-अलग लेनदेन किए, ताकि किसी तरह का शक न हो या बैंक का सिक्योरिटी सिस्टम तुरंत सक्रिय न हो सके। इन तीन लेनदेन में कुल 76,945 रुपये व्यापारी के खाते से निकाल लिए गए। जब व्यापारी के मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आए, तो उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने तुरंत अपने बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड की जांच की, जिसमें पाया गया कि 76,945 रुपये की राशि तीन हिस्सों में उसके खाते से गायब हो चुकी है।

घटना का पता चलते ही पीड़ित अनाज व्यापारी ने इसकी सूचना संबंधित बैंक शाखा को दी और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके इस धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और साइबर सेल को भी दी गई है। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगों ने किस नंबर से कॉल किया था और पैसे किस खाते में ट्रांसफर किए गए हैं, ताकि रकम की रिकवरी की जा सके। हालांकि, साइबर ठगी के मामलों में पैसों की त्वरित वापसी एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है।

यह घटना उज्जैन जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की एक और कड़ी है। आजकल साइबर अपराधी बैंक अधिकारियों, क्रेडिट कार्ड कंपनियों के प्रतिनिधियों या सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के रूप में फोन करके लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। विशेष रूप से APK फाइल के जरिए की जाने वाली ठगी का चलन तेजी से बढ़ा है। ठग किसी ऐप को अपडेट करने, केवाईसी (KYC) पूरी करने, लोन दिलाने या क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने जैसे विभिन्न बहानों से लोगों के फोन में मैलिशियस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करा देते हैं। एक बार यह फाइल फोन में आ जाने के बाद ठगों को बिना किसी बाधा के पीड़ित के बैंक खाते तक पहुंच मिल जाती है।

महिदपुर के इस अनाज व्यापारी के साथ हुई 76,945 रुपये की ठगी ने एक बार फिर आम नागरिकों और व्यापारियों को डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार लोगों से अपील करते हैं कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई अनजान APK फाइल अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। बैंक कभी भी फोन पर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए किसी फाइल को डाउनलोड करने के लिए नहीं कहते। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो यह स्पष्ट रूप से ठगी का प्रयास होता है। ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत जानकारी साइबर क्राइम पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 पर देनी चाहिए, ताकि समय रहते बड़े नुकसान से बचा जा सके।