Thu, 08 Oct 20261:47 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 1:47 PM IST
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दुर्ग में PDS चावल की जमाखोरी का बड़ा खुलासा: कार्डधारियों का सरकारी राशन खरीदकर घर में करता था भंडारण, 60 बोरियों से 24 क्विंटल चावल जब्त, आरोपी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब और पात्र कार्डधारियों को बांटे जाने वाले सरकारी चावल की अवैध जमाखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने राजीव नगर क्षेत्र में छापेमारी करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो राशन कार्डधारियों को मिलने वाले सरकारी चावल को अवैध रूप से खरीदकर अपने घर में बड़ी मात्रा में भंडारण कर रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई में आरोपी के घर से कुल 60 बोरियों में भरा हुआ लगभग 24 क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया गया है। इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और सरकारी राशन व्यवस्था में हो रही धांधली का एक और उदाहरण सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के राजीव नगर थाना क्षेत्र में कुछ दिनों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि एक व्यक्ति सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र राशन कार्डधारियों को वितरित किए जाने वाले सरकारी चावल को उनसे कम दामों पर या अन्य तरीकों से खरीद रहा है। इसके बाद वह इस सरकारी चावल को अपने निजी आवास पर बड़े पैमाने पर जमा कर रहा है। इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना जब पुलिस प्रशासन तक पहुंची, तो अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राजीव नगर स्थित संदिग्ध ठिकाने पर अचानक दबिश दी।

पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपी के घर के अंदर सरकारी चावल से भरी हुई बोरियां रखी मिलीं। मौके पर की गई जांच और गिनती में कुल 60 बोरियां बरामद की गईं। इन सभी बोरियों में भरे हुए सरकारी चावल का कुल वजन लगभग 24 क्विंटल मापा गया। यह चावल स्पष्ट रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के तहत गरीबों और जरूरतमंदों को दिए जाने वाला सरकारी राशन था, जिसे आरोपी ने अवैध रूप से इकट्ठा कर रखा था।

इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। बरामद किए गए 24 क्विंटल सरकारी चावल की 60 बोरियों को पुलिस ने मौके से जब्त कर लिया है और आगे की कानूवी कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इस सरकारी चावल को आगे किन लोगों या व्यापारियों को बेचने की योजना बना रहा था और क्या इस अवैध कारोबार में कोई और व्यक्ति या राशन दुकान का कर्मचारी भी शामिल है या नहीं।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब, कमजोर और पात्र वर्गों को निर्धारित दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना होता है, ताकि उन्हें भोजन की कमी का सामना न करना पड़े। सरकार इस योजना पर हर साल करोड़ों रुपये का अनुदान देती है ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सस्ता राशन मिल सके। लेकिन इस तरह की जमाखोरी की घटनाएं दिखाती हैं कि कैसे कुछ असामाजिक तत्व सरकारी योजनाओं का फायदा उठाकर गरीबों के हिस्से का राशन हड़प लेते हैं। जब राशन कार्डधारियों का सरकारी चावल इस तरह अवैध रूप से खरीदकर जमा किया जाता है, तो सीधे तौर पर पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकार से वंचित किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में वैशाली नगर क्षेत्र में भी पीडीएस चावल की जमाखोरी से जुड़ा एक मामला प्रकाश में आया था। ये लगातार सामने आ रहे मामले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि दुर्ग जिले में सरकारी राशन की कालाबाजारी और जमाखोरी का नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए यह चुनौती बढ़ जाती है कि वह राशन दुकानों से लेकर लाभार्थियों तक चावल पहुंचने की पूरी श्रृंखला पर कड़ी निगरानी रखे।

प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि राजीव नगर में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस और खाद्य विभाग अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे ही अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान तेज कर सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी राशन की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की राशन की कालाबाजारी या जमाखोरी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और गरीबों का हक उन्हें मिल सके। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।