खगड़िया में जेपी और रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा: विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा- संघर्ष और जनसेवा हमेशा याद रहेगी

खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में गुरुवार को भारतीय राजनीति के दो दिग्गज नेताओं लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खगड़िया के कचहरी रोड स्थित सदर विधायक कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्रीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने हिस्सा लेकर दोनों महान विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता और नेतृत्व खगड़िया सदर से विधायक बबलू कुमार मंडल ने किया। कार्यक्रम के दौरान विधायक बबलू कुमार मंडल सहित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण और स्वर्गीय रामविलास पासवान के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दोनों नेताओं को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से श्रद्धा और सम्मान से परिपूर्ण था, जहां दोनों नेताओं के जीवन और उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने दोनों नेताओं के जीवन संघर्ष और उनके राजनीतिक योगदान को विस्तार से याद किया। विधायक ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि इन दोनों महान नेताओं का संघर्ष और उनकी जनसेवा हमेशा याद रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जयप्रकाश नारायण और रामविलास पासवान ने अपने पूरे जीवन काल में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति, गरीबों, वंचितों और शोषितों के उत्थान के लिए निरंतर काम किया। उनका समर्पण और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। विधायक ने कहा कि ऐसे अवसरों पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमें उनके आदर्शों और सिद्धांतों को अपने जीवन और समाज सेवा में अपनाने की याद दिलाता है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जिन्हें पूरा देश प्यार से ‘जेपी’ के नाम से जानता है, भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। वे न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख सेनानी थे, बल्कि बाद में उन्होंने देश में संपूर्ण क्रांति का ऐतिहासिक आह्वान भी किया था। 1970 के दशक में उनके द्वारा चलाया गया जनांदोलन भारतीय लोकतंत्र की दिशा और दशा बदलने वाला साबित हुआ। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष और उनके अटूट साहस को आज भी पूरे देश में अत्यंत सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनके बताए हुए लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलकर ही बिहार और देश की राजनीति ने कई नए आयाम स्थापित किए हैं।
इसी प्रकार, स्वर्गीय रामविलास पासवान बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में दलित, शोषित और पिछड़े वर्गों की आवाज बुलंद करने वाले एक प्रमुख और कद्दावर नेता के रूप में हमेशा जाने जाएंगे। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की स्थापना कर समाज के उन तबकों को एक मजबूत राजनीतिक मंच प्रदान किया, जिनकी आवाज दशकों तक मुख्यधारा की राजनीति में ठीक से नहीं सुनी जा रही थी। एक कुशल राजनेता होने के साथ-साथ वे कई बार केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। उन्होंने रेलवे, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और अपनी ईमानदार छवि के कारण ‘मौसम वैज्ञानिक’ के रूप में भी राजनीतिक गलियारों में पहचाने गए। गरीबों के अधिकारों की लड़ाई में उनका योगदान और संसदीय राजनीति में उनकी पैठ को भुलाया नहीं जा सकता।
कर्पूरी सभागार में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में जदयू के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मौजूद सभी वक्ताओं ने एक स्वर में दोनों नेताओं के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने और उनके अधूरे सपनों को साकार करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। कार्यकर्ताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति के आदर्श और रामविलास पासवान के सामाजिक न्याय के संघर्ष को मिलकर ही एक समतामूलक समाज की स्थापना की जा सकती है।
खगड़िया में इस तरह के आयोजन से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। विधायक बबलू कुमार मंडल द्वारा अपने कार्यालय के सभागार में इस कार्यक्रम का आयोजन करना यह दर्शाता है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय नेताओं के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्रद्धांजलि सभा के समापन पर सभी उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों महान विभूतियों की आत्मा की शांति के लिए कुछ क्षण मौन रहकर प्रार्थना की और उनके द्वारा दिखाए गए संघर्ष, ईमानदारी और जनसेवा के मार्ग पर हमेशा अडिग रहने का सामूहिक संकल्प लिया। यह कार्यक्रम खगड़िया के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

