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Fri, Oct 9, 2026Updated 10:11 AM IST
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दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस का निरीक्षण: सुरक्षा खामियों पर सख्त हुईं सीएम रेखा गुप्ता, बोलीं- छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

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नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के उत्तरी कैंपस का अचानक दौरा किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे तथा छात्र-छात्राओं की समस्याओं का विस्तृत जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान कैंपस में कई गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं, जिस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कमियों को तत्काल दूर करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने इस कैंपस दौरे की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी से की। आर्ट्स फैकल्टी के बाहर उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत की और उनसे कैंपस में उनकी सुरक्षा तथा दिनचर्या से जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी कई चिंताएं रखीं। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं को बिना किसी भय के पढ़ाई करनी चाहिए और इसके लिए प्रशासन को हर जरूरी कदम उठाने होंगे।

निरीक्षण के दौरान जो सबसे प्रमुख समस्याएं सामने आईं, उनमें कैंपस के कई हिस्सों में घना अंधेरा और स्ट्रीट लाइट की भारी कमी शामिल है। मुख्यमंत्री ने देखा कि शाम के समय या रात में कैंपस के कई रास्ते पूरी तरह अंधेरे में डूबे रहते हैं, जिससे छात्राओं को आने-जाने में असुरक्षा महसूस होती है। स्ट्रीट लाइटें या तो खराब पड़ी हैं या कई जगहों पर लगाई ही नहीं गई हैं। इस स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कैंपस के हर उस हिस्से में जहां रोशनी की कमी है, वहां तुरंत नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं और खराब लाइटों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।

इसके अलावा, कैंपस के अंदर फुटपाथ की दयनीय हालत भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में आई। कई जगहों पर फुटपाथ टूटे हुए पाए गए, जो छात्रों और विशेषकर छात्राओं के लिए चलने में असुविधाजनक और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोक निर्माण विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों को इन टूटे हुए फुटपाथों को तत्काल ठीक करवाने के आदेश दिए ताकि छात्रों को कैंपस में आवागमन में कोई परेशानी न हो।

सुरक्षा निगरानी के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों की कवरेज में भी बड़ी खामियां पाई गईं। निरीक्षण में यह बात सामने आई कि कैंपस के कई संवेदनशील और सुनसान इलाकों में सीसीटीवी कैमरे या तो काम नहीं कर रहे हैं या वहां कैमरे स्थापित ही नहीं किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में सुरक्षा उपकरणों का इस तरह से अधूरा होना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे कैंपस में सीसीटीवी कवरेज की तुरंत समीक्षा की जाए और ब्लाइंड स्पॉट को खत्म करने के लिए नए कैमरे लगाए जाएं। साथ ही, पुराने और खराब कैमरों को बदलने की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जाए।

साफ-सफाई के मोर्चे पर भी कैंपस की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर कचरे के ढेर और सफाई व्यवस्था में लापरवाही देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने इस पर भी अधिकारियों को फटकार लगाई और कैंपस में नियमित एवं व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा वातावरण छात्रों के स्वास्थ्य और उनके मनोबल के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने इस दौरे के बाद अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन कमियों की पहचान आज के निरीक्षण में हुई है, उन्हें दूर करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार छात्रों और छात्राओं के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली सरकार के संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करना होगा ताकि कैंपस में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का स्तर बेहतर किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह सतर्क है और भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिकारी जमीनी स्तर पर दिए गए निर्देशों का पालन कर रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय देश के सबसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है और यहां देश भर से छात्र पढ़ने आते हैं, इसलिए यहां की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचा राष्ट्रीय राजधानी की छवि से भी जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभाग इन निर्देशों को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू करते हैं।