बिलासपुर में गरबा ड्रेस में लड़कियों के सिगरेट पीने और गन-कल्चर दिखाने पर बवाल, बजरंग दल ने SP को सौंपी शिकायत

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो और तस्वीरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला गरबा आयोजन, धार्मिक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। वायरल हो रहे कथित वीडियो और तस्वीरों में गरबा की पोशाक पहने हुए कुछ लड़कियों को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा, इन वीडियो में गन-कल्चर को बढ़ावा देने वाले दृश्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। साथ ही, गरबा आयोजनों में प्रवेश के लिए पास बेचे जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। इस पूरे मामले ने शहर में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने और सांस्कृतिक मूल्यों के उल्लंघन को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हिंदू संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल ने SP कार्यालय में अधिकारियों को एक लिखित शिकायत सौंपी है। इस लिखित शिकायत के साथ ही संगठन ने वे सभी आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें भी पुलिस को उपलब्ध कराई हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही थीं। बजरंग दल का कहना है कि गरबा एक पवित्र धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान है, जिसकी गरिमा को बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे में गरबा की पोशाक में सिगरेट पीना और हथियार संस्कृति (गन-कल्चर) का प्रदर्शन करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुए हैं, उनमें कथित तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ युवतियां पारंपरिक गरबा परिधान में हैं और वे सिगरेट पी रही हैं। बजरंग दल ने इसे धार्मिक आस्था और नवरात्रि जैसे पवित्र त्योहार के प्रति खुला अपमान करार दिया है। संगठन का तर्क है कि नवरात्रि के दौरान माता की आराधना की जाती है और गरबा उसी भक्ति का एक स्वरूप है। ऐसे अवसर पर इस प्रकार का व्यवहार न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि युवा पीढ़ी के बीच गलत संदेश भी प्रसारित करता है।
इसके अतिरिक्त, वायरल वीडियो में गन-कल्चर यानी हथियारों के प्रदर्शन को भी दिखाया गया है। बजरंग दल ने पुलिस को दी गई शिकायत में इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की है कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में हथियारों का प्रदर्शन किया जाना कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति दोनों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। संगठन ने मांग की है कि पुलिस इस बात की गहन जांच करे कि ये वीडियो कहां और किस संदर्भ में बनाए गए थे, तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विवाद का एक और पहलू गरबा आयोजनों के पासेस (प्रवेश टिकट) बेचे जाने से संबंधित वीडियो को लेकर भी सामने आया है। कथित वीडियो में दिखाया गया है कि गरबा कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पास बेचे जा रहे हैं। बजरंग दल और अन्य स्थानीय लोगों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों को व्यापारिक रूप देना और पास बेचकर उन्हें केवल कुछ वर्गों तक सीमित करना धार्मिक परंपराओं के मूल उद्देश्य के विपरीत है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये वीडियो बिलासपुर के किस विशिष्ट आयोजन स्थल से जुड़े हैं या इन्हें कब रिकॉर्ड किया गया था। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही इन तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
बजरंग दल ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस मामले में उचित और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज खुद दोषियों को दंडित करने के लिए बाध्य होगा। संगठन के कार्यकर्ताओं ने SP कार्यालय में यह स्पष्ट संदेश दिया कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि वायरल वीडियो और तस्वीरों की फोरेंसिक जांच कराई जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनके साथ कोई छेड़छाड़ की गई है या ये वास्तविक घटनाएं हैं।
बिलासपुर पुलिस ने बजरंग दल से लिखित शिकायत और साक्ष्य के रूप में दिए गए वीडियो व तस्वीरें प्राप्त कर ली हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से वायरल हो रहे कंटेंट की सत्यता और उसके स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या सार्वजनिक शांति भंग करने का प्रयास पाया गया, तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में गरबा और धार्मिक संस्कृति से जुड़े इस विवाद ने शहर में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। नवरात्रि का पर्व अपने आप में आस्था और उल्लास का प्रतीक माना जाता है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री सामने आने से आम नागरिकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने भी इस घटनाक्रम की निंदा करते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, पूरा मामला पुलिस की जांच के दायरे में है। बजरंग दल ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए पुलिस को कार्रवाई के लिए समय दिया है। देखना यह होगा कि बिलासपुर पुलिस इस संवेदनशील मामले में कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है, ताकि शहर में कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो अक्सर सामाजिक तनाव का कारण बनते हैं, इसलिए पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी संदिग्ध सामग्री को आगे शेयर न करें।

