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Fri, Oct 9, 2026Updated 8:16 AM IST
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टीबी मुक्त भारत अभियान को नई गति: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लॉन्च किया ‘जोश ऐप’, शेखपुरा में सिविल सर्जन सहित चिकित्सक रहे मौजूद

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नई दिल्ली/शेखपुरा। वंदे भारत न्यूज़। देश से तपेदिक (टीबी) रोग को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान को अब एक नई तकनीकी पहल के माध्यम से और अधिक तेजी प्रदान की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण अभियान को गति देने और टीबी रोगियों की समय पर सटीक पहचान सुनिश्चित करने के लिए ‘जोश ऐप’ (JOSH App) लॉन्च किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इस ऐप का विधिवत लोकार्पण किया। इस राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल लॉन्चिंग कार्यक्रम से बिहार के शेखपुरा जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी सीधे तौर पर जुड़े रहे।

दिल्ली में आयोजित इस भव्य लोकार्पण समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जोश ऐप को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि यह ऐप टीबी उन्मूलन की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य देश भर में टीबी के संभावित रोगियों की शीघ्रता से पहचान करना, उन्हें बेहतर तरीके से ट्रैक करना और उनका उचित उपचार समय पर शुरू करवाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जोश ऐप को विशेष रूप से इस प्रकार से डिजाइन किया गया है ताकि इसके जरिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और चिकित्सा अधिकारियों को टीबी के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करने और उनकी रिपोर्टिंग करने में पहले से कहीं अधिक सुविधा मिल सके।

इस ऐप के लॉन्च होने से अब स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग के दौरान प्राप्त होने वाले आंकड़ों को तुरंत डिजिटल माध्यम से केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा प्राप्त होगी। इससे न केवल डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि नीति निर्माताओं और स्वास्थ्य अधिकारियों को वास्तविक समय (रियल टाइम) में टीबी के मामलों की सटीक स्थिति जानने में भी मदद मिलेगी। माना जा रहा है कि इस तकनीकी हस्तक्षेप से उन दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीबी रोगियों की पहचान आसान हो जाएगी, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इस राष्ट्रीय लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण और लाइव वेबकास्ट बिहार के शेखपुरा जिले में भी देखा गया। शेखपुरा में जिला मुख्यालय पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिले के सिविल सर्जन सहित कई अन्य वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी और डॉक्टर मौजूद रहे। सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा जोश ऐप के लॉन्च किए जाने की प्रक्रिया को बड़ी गंभीरता और उत्साह के साथ देखा। शेखपुरा में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि केंद्र सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए लगातार नए और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

शेखपुरा के सिविल सर्जन और उपस्थित डॉक्टरों ने इस अवसर पर बताया कि जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर पहले से ही व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब जोश ऐप के आ जाने से जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों का काम काफी आसान, व्यवस्थित और तेज हो जाएगा। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि ऐप के उपयोग को लेकर जल्द ही जिले के सभी संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे इस डिजिटल उपकरण का सही और प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक देश को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाने का एक अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय किए गए वैश्विक लक्ष्य से पूरे पांच साल पहले भारत इस बीमारी को खत्म करने का प्रयास कर रहा है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय निक्षय पोषण योजना, सक्रिय खोज अभियान और निक्षय मित्र जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम पहले से ही संचालित कर रहा है। इन सभी प्रयासों की कड़ी में अब जोश ऐप को एक नए और शक्तिशाली तकनीकी उपकरण के रूप में शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों का मानना है कि टीबी के खात्मे के लिए सबसे बड़ी चुनौती छिपे हुए या अनिदान (Undiagnosed) मरीजों की पहचान करना होती है। कई बार लोग टीबी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं या समय पर जांच नहीं करवा पाते हैं, जिससे संक्रमण दूसरों में भी तेजी से फैलता है। ऐसे में जोश ऐप के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जो सटीक जानकारी और तकनीकी सहायता मिलेगी, उससे मरीजों की पहचान का दायरा काफी बढ़ जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकारों और सभी जिला स्वास्थ्य प्रशासनों को निर्देश दिए हैं कि वे इस ऐप को अपने-अपने क्षेत्रों में जल्द से जल्द लागू करें और इसके इस्तेमाल को अनिवार्य बनाएं। शेखपुरा जिले के स्वास्थ्य विभाग ने भी केंद्र के इस निर्देश का स्वागत करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। कुल मिलाकर, जोश ऐप का लॉन्च टीबी मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक ठोस और सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में देश भर में तपेदिक के मामलों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।