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Sun, Oct 11, 2026Updated 4:59 PM IST
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फिरोजपुर: कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर को विजिलेंस ने दबोचा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

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फिरोजपुर। पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फिरोजपुर विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस ब्यूरो ने भारतीय रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी अधिकारी की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई है, जो रेलवे विभाग में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी अधिकारी ने किसी ठेके या टेंडर के लिए नहीं, बल्कि न्यायालय द्वारा दिए गए एक आदेश का पालन करवाने के बदले में यह घूस मांगी थी।

विजिलेंस ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला एक कर्मचारी के वेतन से कटौती करने और उस राशि का भुगतान करने से जुड़ा हुआ था। न्यायालय ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि संबंधित कर्मचारी के वेतन से निर्धारित राशि काटी जाए और उसका भुगतान किया जाए। अदालत के इस आदेश को व्यावहारिक रूप से लागू करने की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन के अधिकारियों पर थी। पीड़ित व्यक्ति को अपने वेतन से कटौती और भुगतान की इस प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज कुमार के पास जाना पड़ा।

आरोप है कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज कुमार ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने और कर्मचारी के वेतन से कटौती कर भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 40,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। जब कोई सरकारी अधिकारी न्यायालय के आदेश को लागू करने जैसी अपनी मूलभूत और अनिवार्य ड्यूटी के लिए भी अवैध वसूली करता है, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। रिश्वत की इतनी बड़ी रकम मांगे जाने से परेशान पीड़ित ने इसकी शिकायत फिरोजपुर विजिलेंस ब्यूरो से करने का निर्णय लिया।

पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद फिरोजपुर विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। शिकायत की प्रारंभिक सत्यता की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने पूरी योजना तैयार की ताकि रिश्वत लेते समय आरोपी को पकड़ा जा सके और उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।

योजना के मुताबिक, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज कुमार को 40,000 रुपये की रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। रिश्वत की रकम के साथ पकड़े जाने के बाद आरोपी अधिकारी के पास अपना बचाव करने का कोई मौका नहीं बचा। विजिलेंस टीम ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद फिरोजपुर विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए इस मामले में अब विजिलेंस ब्यूरो की टीम आगे की विस्तृत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कानूनी प्रक्रिया में आरोपी से गहन पूछताछ शामिल होगी, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि क्या वह इससे पहले भी ऐसे अन्य मामलों में संलिप्त रहा है या नहीं।

यह घटना रेलवे जैसे विशाल और महत्वपूर्ण सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ों की ओर इशारा करती है। जब न्यायालय के आदेश का पालन करवाने के लिए भी आम लोगों या कर्मचारियों को घूस देनी पड़े, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जाती है। कर्मचारी के वेतन से कटौती और भुगतान जैसी नियमित प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी रिश्वत की मांग होना विभागीय कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

विजिलेंस ब्यूरो की इस कार्रवाई को पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों के रूप में देखा जा रहा है। विजिलेंस ब्यूरो ने इस गिरफ्तारी के जरिए यह स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकारी सेवाओं में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे अधिकारी किसी भी बड़े पद पर क्यों न हो, यदि वह अपने पद का दुरुपयोग करके अवैध वसूली करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल, विजिलेंस ब्यूरो की टीम इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपी पंकज कुमार को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विजिलेंस विभाग ने आम जनता और सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि यदि उनसे किसी भी सरकारी काम के लिए रिश्वत की मांग की जाती है, तो वे तुरंत विजिलेंस ब्यूरो को इसकी सूचना दें, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।