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Sat, Oct 10, 2026Updated 12:49 PM IST
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भिंड: स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर का एक्शन, टीकाकरण के गलत आंकड़ों पर मेडिकल अफसरों को चेतावनी, 30+ आयु वर्ग के लिए लगेंगे विशेष कैंप

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भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और गलत आंकड़ों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक जिले में चल रहे टीकाकरण अभियान और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य पोर्टल पर टीकाकरण से जुड़े गलत या झूठे आंकड़े दर्ज करना एक अत्यंत गंभीर लापरवाही है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी कोई फर्जी एंट्री पाई जाती है, तो संबंधित मेडिकल अफसरों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मेडिकल काउंसिल को औपचारिक पत्र लिखा जाएगा ताकि दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकें।

बैठक के दौरान टीकाकरण अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीकाकरण के वास्तविक आंकड़ों को ही पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में आंकड़ों की पारदर्शिता और सटीकता सबसे ज्यादा जरूरी है। यदि मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी या अधिकारी आंकड़ों में हेराफेरी करते हैं, तो इससे न केवल सरकार की नीतियों का सही मूल्यांकन नहीं हो पाता, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ होता है। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने फर्जीवाड़े पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त रुख अख्तियार किया है।

समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में टीकाकरण का कार्य संतोषजनक स्तर पर नहीं पहुंच पाया है। इस खराब प्रदर्शन को लेकर कलेक्टर ने सीधे तौर पर जिम्मेदार एएनएम (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिन एएनएम के क्षेत्रों में टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है या उनके कार्य में ढिलाई देखी गई है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि एएनएम स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होती हैं और उनका मैदानी स्तर पर सक्रिय होना बेहद आवश्यक है। यदि नोटिस मिलने के बाद भी उनके कार्यप्रदर्शन में सुधार नहीं होता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए यह भी घोषणा की गई कि अब जिले में 30 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों के लिए विशेष टीकाकरण कैंप आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि इस आयु वर्ग में टीकाकरण की दर अपेक्षाकृत कम है, जिसे बढ़ाने के लिए लक्षित और विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। इन स्पेशल कैंपों के माध्यम से 30 से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण की सुविधा उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों या विशेष रूप से चिह्नित स्थानों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हर आयु वर्ग के नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाना और टीकाकरण के लक्ष्यों को समय रहते पूरा करना है।

कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने बैठक में मौजूद सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर्स और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ स्टाफ के साथ नियमित रूप से समीक्षा बैठकें करें। उन्होंने कहा कि निगरानी का तंत्र मजबूत होना चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को वास्तविकता से जोड़कर पेश करना हर अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए टीम भावना से काम करना होगा और किसी भी प्रकार की शिथिलता को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जाएगा।

भिंड जिले के स्वास्थ्य विभाग की इस समीक्षा बैठक ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रशासन अब स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण अभियान में किसी भी तरह की कोताही को लेकर सख्त है। गलत आंकड़ों की एंट्री पर मेडिकल काउंसिल तक शिकायत भेजे जाने की चेतावनी और खराब प्रदर्शन करने वाली एएनएम को नोटिस थमाए जाने का फैसला यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, 30 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्णय जिले के व्यापक स्वास्थ्य कवरेज को मजबूती प्रदान करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन सभी दिशा-निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करें और टीकाकरण अभियान को गति प्रदान करें।