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Sun, Oct 11, 2026Updated 5:00 PM IST
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मोगा से युवक का अगवा, संगरूर पुलिसकर्मी और साथियों पर बेरहमी से मारपीट का आरोप; घायल को एम्स बठिंडा में कराया गया भर्ती

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बठिंडा/मोगा। पंजाब के मोगा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक का अगवा कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इस वारदात में संगरूर जिले में तैनात एक पुलिसकर्मी और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हमले में बुरी तरह घायल हुए युवक को इलाज के लिए एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) बठिंडा में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर संबंधित थाने में आरोपित पुलिसकर्मी और उसके अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, इस पूरी घटनाक्रम से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोगा निवासी उक्त युवक को आरोपितों ने पहले अगवा किया और इसके बाद उसे किसी सुनसान या एकांत स्थान पर ले जाकर बेरहमी से पीटा। आरोप है कि इस मारपीट की साजिश में संगरूर जिला पुलिस में कार्यरत एक पुलिसकर्मी भी शामिल था, जिसने अपने अन्य साथियों के मिलीभगत से इस वारदात को अंजाम दिया। मारपीट के दौरान युवक को इतनी गंभीर चोटें आईं कि उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद आरोपितों ने घायल युवक को छोड़ दिया या फिर उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की नौबत आ गई। युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एम्स बठिंडा रेफर किया गया, जहां फिलहाल वह चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती है।

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी सीसीटीवी फुटेज को माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सीसीटीवी कैमरों में इस घटना से जुड़ी गतिविधियां कैद हुई हैं, जो आरोपों की पुष्टि करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इन फुटेज के आधार पर ही पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक का अगवा किस वाहन से किया गया, उसे कहां-कहां ले जाया गया और मारपीट में कितने लोग शामिल थे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीसीटीवी फुटेज में स्वयं आरोपित पुलिसकर्मी का चेहरा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है या नहीं, लेकिन जांच एजेंसियां इन दृश्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आई। पीड़ित युवक के परिजनों या संबंधित पक्ष की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर संगरूर के उक्त पुलिसकर्मी और उसके अज्ञात व ज्ञात साथियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है। मामला दर्ज होने के बाद अब विभागीय कार्रवाई का दबाव भी बढ़ गया है। चूंकि आरोपितों में एक व्यक्ति खाकी वर्दी पहनने वाला पुलिसकर्मी है, इसलिए यह मामला केवल आपराधिक नहीं, बल्कि विभागीय अनुशासनहीनता का भी है। उच्च अधिकारियों द्वारा इस बात की जांच की उम्मीद है कि क्या आरोपित पुलिसकर्मी ने अपनी सरकारी ताकत और पद का दुरुपयोग करके इस अपराध को अंजाम दिया।

मारपीट और अगवा की इस घटना के पीछे का असली कारण अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं हो पाया है। यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपितों और पीड़ित युवक के बीच कोई पुरानी रंजिश थी, कोई आर्थिक विवाद था, या फिर यह किसी अन्य कारण से की गई कार्रवाई थी। पुलिस जांच में इन सभी पहलुओं को टटोला जा रहा है। यदि कोई पुलिसकर्मी व्यक्तिगत रंजिश या अन्य किसी विवाद में अपने पद का इस्तेमाल करके किसी नागरिक का अगवा करता है और उसकी पिटाई करवाता है, तो यह कानून व्यवस्था और पुलिसिंग दोनों के लिए एक गंभीर चुनौती है।

एम्स बठिंडा में भर्ती युवक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चिंता बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। मारपीट में युवक को किस प्रकार की चोटें आई हैं, इसका विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट आना अभी बाकी है, जो आगे की कानूनी कार्रवाई और धाराओं को तय करने में निर्णायक साबित होगा। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि आरोपितों पर हत्या के प्रयास सहित अन्य कौन-कौन सी गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी।

इस घटना ने मोगा और संगरूर दोनों जिलों में सनसनी फैला दी है। आम जनता में इस बात को लेकर रोष है कि यदि रक्षक ही भक्षक बन जाए और एक पुलिसकर्मी खुद अपराधियों के साथ मिलकर किसी निर्दोष नागरिक का अगवा कर उसकी जान पर हमला करे, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। इस मामले में पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से पारदर्शी और तेज कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

उल्लेखनीय है कि आज महाकुंभ का 24वां दिन है। सुबह 8 बजे तक 37.48 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। 13 जनवरी से अब तक कुल 38.66 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। देश भर में धार्मिक आयोजनों के बीच पंजाब से आ रही ऐसी आपराधिक खबरें राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल, बठिंडा और मोगा पुलिस की टीमें इस मामले की गहनता से जांच कर रही हैं और आरोपित पुलिसकर्मी सहित अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस सनसनीखेज वारदात के और भी कई राज खुलने की संभावना है।