सहरसा: नगर परिषद गेट के पास दुकान का चदरा काटकर 1.10 लाख की चोरी, चोरों ने तोड़े CCTV कैमरे लेकिन फुटेज में हुए कैद

सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में चोरों ने एक बार फिर अपनी वारदात को अंजाम देते हुए पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के पश्चिम गंगजला मुख्य मार्ग पर स्थित ए.के. ट्रेडर्स नामक दुकान में बीती रात चोरों ने घुसकर करीब 1.10 लाख रुपये मूल्य के सामान और नकदी पर हाथ साफ कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के लिए चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का चदरा काटा और अंदर प्रवेश किया। अपनी पहचान छिपाने के मकसद से बदमाशों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया, हालांकि उनकी कुछ हरकतें कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है। यह पूरी घटना नगर परिषद गेट के आसपास के इलाके में हुई है, जो शहर का एक व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहरसा शहर के पश्चिम गंगजला मुख्य मार्ग पर ए.के. ट्रेडर्स के नाम से एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित है। दुकान स्वामी ने बताया कि रोज की तरह उन्होंने रात में दुकान बंद की थी और अपने घर चले गए थे। उन्हें इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि चोर उनके प्रतिष्ठान को अपना निशाना बनाने की योजना बना चुके हैं। रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए अज्ञात चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से में लगे चदरे को काटकर अंदर प्रवेश किया। चदरा काटने की इस प्रक्रिया में चोरों ने पूरे पेशेवराना अंदाज में काम किया, जिससे आसपास के लोगों या राहगीरों को किसी प्रकार की कोई आहट नहीं मिल सकी।
दुकान के अंदर घुसने के बाद चोरों ने सबसे पहले अपनी पहचान सुरक्षित रखने की कवायद शुरू की। इसके तहत उन्होंने दुकान में सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को निशाना बनाया और उन्हें तोड़ दिया। चोरों का मानना था कि कैमरे तोड़ने से वे कानून के शिकंजे से बच निकलेंगे। लेकिन तकनीकी दौर में चोरों की यह चाल पूरी तरह कारगर नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि कैमरे तोड़े जाने से ठीक पहले या किसी अन्य माध्यम से चोरों की कुछ गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं। यह फुटेज अब पुलिस के लिए मामले के खुलासे का सबसे अहम जरिया बन सकता है।
वारदात की सूचना सुबह उस समय मिली जब दुकान स्वामी अपना प्रतिष्ठान खोलने पहुंचे। दुकान के पिछले हिस्से का चदरा कटा देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा हुआ था और गल्ले में रखी नकदी सहित करीब 1.10 लाख रुपये मूल्य के सामान और नकदी गायब थे। दुकान में फैली अव्यवस्था और टूटे हुए सीसीटीवी कैमरे चोरों की दबंगई और बेखौफ इरादों की कहानी बयां कर रहे थे। दुकान स्वामी ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाने की पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी और संबंधित थाने की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और दुकान के पिछले हिस्से में काटे गए चदरे का मुआयना किया। यह जांच करने का प्रयास किया गया कि चोर किस दिशा से आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद किस रास्ते से फरार हुए। नगर परिषद गेट के पास का यह इलाका मुख्य रूप से व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए यहां इस तरह की चोरी की घटना से अन्य व्यापारियों में भी दहशत और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर नगर परिषद गेट जैसे मुख्य इलाके में चोर इतनी आसानी से वारदात को अंजाम दे सकते हैं, तो शहर के अन्य हिस्सों में सुरक्षा का क्या हाल होगा।
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने आसपास के अन्य दुकानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है। ए.के. ट्रेडर्स के टूटे हुए कैमरों के बावजूद जो फुटेज उपलब्ध हो सके हैं, उनका तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। पुलिस के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चोरों ने सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे तोड़े हैं, ऐसे में उनके चेहरे या हुलिए का स्पष्ट पता लगाना एक कठिन कार्य है।
इस घटना ने सहरसा शहर में व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ समय में शहर के विभिन्न हिस्सों में चोरी की ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसमें चोर दुकानों के शटर या चदरे काटकर वारदात को अंजाम देते हैं। ए.के. ट्रेडर्स में हुई 1.10 लाख रुपये की इस चोरी ने स्थानीय व्यापारिक संगठनों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। व्यापारियों की ओर से पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्ती बढ़ाने और मुख्य बाजारों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग उठने लगी है।
वहीं, दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। फुटेज और घटनास्थल पर मिले सुरागों के आधार पर चोरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस अंधे कत्ल… नहीं, अंधी चोरी का पर्दाफाश कर लिया जाएगा और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। फिलहाल, दुकान स्वामी को हुए 1.10 लाख रुपये के नुकसान की भरपाई और चोरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं।

