बालाघाट सराफा लूटकांड: पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा से तीन आरोपियों को दबोचा, 70 ग्राम सोना और 2.8 किलो चांदी बरामद; रैकी करने वाले की हादसे में मौत

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सराफा कारोबारियों के साथ हुई लूट की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बालाघाट पुलिस ने सराफा कारोबारियों से जुड़े लूट के दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को मध्य प्रदेश की सीमाओं से बाहर निकलकर पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक अभियान चलाना पड़ा। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है। बरामद किए गए सामान में 70 ग्राम सोना और लगभग 2.8 किलोग्राम चांदी शामिल है। इस मामले की एक और चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इन लूट की वारदातों को अंजाम देने से पहले दुकानों और कारोबारियों की रैकी (निगरानी) करने का काम जिस व्यक्ति ने किया था, उसकी एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
बालाघाट जिले में हाल ही में सराफा व्यापारियों को निशाना बनाते हुए लूट की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में भय का माहौल बन गया था। सराफा कारोबारियों से हुई इन लूट की वारदातों के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में अपराधियों ने व्यापारियों को निशाना बनाकर उनके पास मौजूद कीमती सोने और चांदी के आभूषणों तथा धनराशि को लूट लिया था। घटना के तुरंत बाद बालाघाट पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित इन टीमों को निर्देश दिए गए थे कि वे हर संभव सुराग लगाकर लुटेरों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे लाएं।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद मध्य प्रदेश छोड़कर फरार हो गए हैं। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचनाओं के आधार पर पुलिस की टीमों ने अपना दायरा बढ़ाया। पुलिस की एक टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य में दबिश दी, जबकि दूसरी टीम ओडिशा तक पहुंची। दोनों राज्यों में चलाए गए इस संयुक्त और सघन अभियान के परिणामस्वरूप पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे दूरस्थ राज्यों से आरोपियों को पकड़ना बालाघाट पुलिस की सक्रियता और बेहतर समन्वय का परिणाम माना जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर तलाशी अभियान चलाया, तो उनके पास से लूटी गई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 70 ग्राम सोना और करीब 2.8 किलोग्राम चांदी जब्त की है। बरामद किया गया यह सोना और चांदी उन्हीं सराफा कारोबारियों से लूटी गई संपत्ति का हिस्सा है, जिन्हें बदमाशों ने पिछले दिनों अपना शिकार बनाया था। इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं की बरामदगी से पुलिस को उम्मीद है कि पीड़ित व्यापारियों को उनका नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकेगा। बरामद किए गए सोने और चांदी को विधिवत रूप से जब्ती सूची में शामिल कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि लूट की योजना किस तरह से बनाई गई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले बालाघाट में सराफा दुकानों और व्यापारियों की आवाजाही की गहन रैकी की थी। इस रैकी का मुख्य काम एक ऐसे व्यक्ति ने किया था, जो लुटेरों के गिरोह का हिस्सा था और व्यापारियों की दिनचर्या, दुकानों के खुलने-बंद होने के समय और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाकर अन्य बदमाशों को मुहैया करा रहा था। हालांकि, इस रैकी करने वाले व्यक्ति की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि रैकी करने वाला व्यक्ति अब जीवित नहीं है और उसकी मौत एक दुर्घटना में हुई थी। उसके इस हादसे में मारे जाने के बाद भी अन्य आरोपियों ने उसकी दी गई सूचनाओं और रैकी के आधार पर लूट की वारदातों को अंजाम दिया।
बालाघाट में सराफा कारोबारियों के साथ हुई लूट की इन घटनाओं ने पूरे व्यापारिक वर्ग को झकझोर कर रख दिया था। सोने और चांदी के व्यापार से जुड़े लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। ऐसे में बालाघाट पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक जाकर आरोपियों को गिरफ्तार करना और लूटा गया सोना-चांदी बरामद करना व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों से अभी और गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनका कोई और आपराधिक इतिहास रहा है या ये किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों की जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में चालान न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, मृत रैकी करने वाले व्यक्ति की भूमिका को भी जांच रिपोर्ट में विस्तार से दर्ज किया जाएगा। बालाघाट पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। पुलिस ने आम जनता और व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों को रोका जा सके। फिलहाल, गिरफ्तार तीनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ का दौर जारी है।

