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Fri, Oct 9, 2026Updated 8:15 AM IST
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नालंदा सदर अस्पताल में नवजात बच्ची को छोड़कर मां हुई फरार, एसएनसीयू में छह दिनों से जीवन और मौत के बीच जूझ रहा मासूम

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बिहार शरीफ। वंदे भारत न्यूज। बिहार के नालंदा जिले के सदर अस्पताल से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक नवजात दुधमुंही बच्ची को उसकी मां ने अस्पताल में ही लावारिस हालत में छोड़ दिया और खुद फरार हो गई। सांस लेने में गंभीर तकलीफ से जूझ रही यह मासूम बच्ची पिछले छह दिनों से अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती है और जीवन-मृत्यु की जंग लड़ रही है। अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए यह घटना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि नवजात के इलाज के साथ-साथ अब उसकी मां की तलाश भी एक बड़ा सवाल बन गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला नालंदा जिला मुख्यालय बिहार शरीफ स्थित सदर अस्पताल का है। अस्पताल में भर्ती कराई गई इस नवजात बच्ची की हालत शुरू से ही नाजुक बताई जा रही है। बच्ची को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही थी, जिसके चलते उसे तुरंत अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट यानी एसएनसीयू में शिफ्ट किया गया। एसएनसीयू में चिकित्सकों की एक विशेष टीम लगातार छह दिनों से इस नवजात का इलाज कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष देखभाल की आवश्यकता है। अस्पताल के कर्मचारी और स्टाफ नर्स ही इस मासूम की देखभाल करने को मजबूर हैं, क्योंकि उसे छोड़कर जाने वाली मां का कोई अता-पता नहीं है।

इस दर्दनाक घटना के बाद जब अस्पताल प्रशासन ने बच्ची के भर्ती होने के समय बनाई गई पर्ची और अन्य दस्तावेजों की जांच की, तो स्थिति और भी पेचीदा हो गई। अस्पताल के रिकॉर्ड में बच्ची की मां का जो पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया गया था, वह पूरी तरह से फर्जी या अप्रासंगिक पाया गया। पर्ची पर दर्ज किए गए एड्रेस पर जब संपर्क करने की कोशिश की गई, तो वहां ऐसी कोई महिला नहीं मिली। इसके अलावा, पर्ची पर लिखे गए मोबाइल नंबर पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि या तो वह नंबर बंद है, या फिर वह नंबर किसी ऐसे व्यक्ति का है जिसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बच्ची को छोड़कर भागने वाली महिला ने जानबूझकर अस्पताल में गलत जानकारी दी थी, ताकि उसकी पहचान न हो सके और वह आसानी से फरार हो सके।

नवजात बच्ची को अस्पताल में अकेला छोड़कर फरार होने की यह घटना समाज में कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ जहां मां को ईश्वर का दूसरा रूप माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ अपनी ही कोख से जन्मी दुधमुंही बच्ची को इस तरह लावारिस छोड़ देना समाज के लिए एक कलंक है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिरकार उस महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। क्या इसके पीछे कोई पारिवारिक विवाद है, आर्थिक तंगी है, या फिर कोई सामाजिक दबाव है, इस बारे में कुछ भी पुष्ट रूप से कहा नहीं जा सकता। पुलिस और अस्पताल प्रशासन इस बात की जांच में जुटे हैं कि आखिर वह महिला कौन थी और उसने ऐसा क्यों किया।

सदर अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की जानकारी संबंधित थाना पुलिस और जिला प्रशासन को दे दी गई है। पुलिस अब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने की तैयारी कर रही है, ताकि बच्ची को छोड़कर भागने वाली महिला की पहचान की जा सके। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में भी महिला की तलाश के लिए अभियान चलाया जा सकता है। लेकिन जब तक मां का पता नहीं चलता, तब तक नवजात बच्ची की जिम्मेदारी पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन और सरकार के कंधों पर है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता नवजात बच्ची के इलाज और उसकी जान बचाने की है। एसएनसीयू में तैनात चिकित्सक दिन-रात बच्ची की निगरानी कर रहे हैं। बच्ची को जरूरी दवाइयां और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है। अस्पताल के स्टाफ नर्सें भी इस मासूम की मां की तरह सेवा कर रही हैं, उसे दूध पिला रही हैं और उसका पूरा ध्यान रख रही हैं। लेकिन एक नवजात को मां की गोद और उसके दूध की जितनी आवश्यकता होती है, वह कोई विकल्प पूरा नहीं कर सकता।

यह पहला मामला नहीं है जब किसी सरकारी अस्पताल में इस तरह की घटना सामने आई हो। बिहार सहित देश के कई हिस्सों में समय-समय पर नवजात बच्चों को अस्पतालों में लावारिस छोड़ने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में अक्सर गरीबी, अशिक्षा, सामाजिक कुरीतियां या अवैध संबंधों को कारण माना जाता है। लेकिन हर बार एक मासूम की जिंदगी दांव पर लग जाती है। नालंदा सदर अस्पताल की यह घटना प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है कि वे कैसे इस बच्ची के भविष्य को सुरक्षित करें और दोषी मां को कानून के दायरे में लाएं। फिलहाल, अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में यह नवजात बच्ची जिंदगी की जंग लड़ रही है और हर कोई इस मासूम के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।