उमरिया: ग्राम सभा में महिला सरपंच के सामने युवाओं पर भड़के उपसरपंच, की गाली-गलौज; सीईओ ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से पंचायती राज व्यवस्था और ग्रामीण प्रशासन को शर्मसार करने वाला एक मामला प्रकाश में आया है। जिले की करकेली जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ऊपरी में आयोजित ग्राम सभा की बैठक के दौरान उपसरपंच द्वारा गांव के युवाओं के साथ गाली-गलौज किए जाने का विवाद सामने आया है। यह पूरी घटना उस समय हुई जब ग्राम सभा की अध्यक्षता महिला सरपंच कर रही थीं। उनके सामने ही उपसरपंच ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस घटना का एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तेजी से सामने आया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत ऊपरी में नियमित रूप से आयोजित होने वाली ग्राम सभा की बैठक चल रही थी। इस बैठक में गांव के विकास कार्यों, योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी। ग्राम सभा की अध्यक्षता महिला सरपंच द्वारा की जा रही थी। बैठक में गांव के कई ग्रामीण और युवा भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि चर्चा के दौरान किसी बात को लेकर उपसरपंच जयभान सिंह और गांव के कुछ युवाओं के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि उपसरपंच जयभान सिंह ने अपना आपा खो दिया और उन्होंने महिला सरपंच की उपस्थिति में ही युवाओं के खिलाफ अपशब्दों और गाली-गलौज का सहारा ले लिया।
ग्राम सभा जैसे लोकतांत्रिक और पवित्र मंच पर, जहां गांव के हर वर्ग के लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार होता है, एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह के अभद्र आचरण को ग्रामीणों ने बेहद गंभीरता से लिया। उपसरपंच की इस हरकत से ग्राम सभा का माहौल पूरी तरह से बिगड़ गया। हालांकि, इस घटना का किसी ने वीडियो बना लिया। यह वीडियो गुरुवार को सार्वजनिक रूप से सामने आया। वीडियो वायरल होते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और यह मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया। वीडियो में उपसरपंच जयभान सिंह को युवाओं से उलझते हुए और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए स्पष्ट रूप से देखा और सुना जा सकता है।
वीडियो सामने आने और मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की। करकेली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ा संज्ञान लिया है। सीईओ ने उपसरपंच जयभान सिंह के खिलाफ औपचारिक रूप से नोटिस जारी कर दिया है। इस नोटिस के माध्यम से उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि ग्राम सभा के दौरान उन्होंने ऐसा आचरण क्यों किया और युवाओं के साथ गाली-गलौज क्यों की। नोटिस में उनसे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। यदि उपसरपंच द्वारा दिए गए जवाब से प्रशासन संतुष्ट नहीं होता है या वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम सभा को सबसे महत्वपूर्ण और आधारभूत इकाई माना जाता है। यह वह मंच है जहां गांव के लोग मिलकर अपने गांव के विकास की रूपरेखा तय करते हैं। ग्राम सभा में हर नागरिक को सम्मानपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में, किसी जनप्रतिनिधि द्वारा, वह भी एक महिला सरपंच की अध्यक्षता में चल रही बैठक में, इस प्रकार की गुंडागर्दी और अभद्र भाषा का प्रयोग करना न केवल पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण लोकतंत्र की भावना के भी पूरी तरह विपरीत है।
इस घटना के बाद ग्राम पंचायत ऊपरी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जो जनप्रतिनिधि ग्राम सभा में बैठकर आम लोगों और युवाओं से इस तरह पेश आएंगे, वे गांव का विकास क्या करेंगे। युवाओं के साथ हुए इस दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि उपसरपंच जयभान सिंह के खिलाफ केवल नोटिस जारी करके कार्रवाई को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें उनके पद से हटाने या कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई अन्य जनप्रतिनिधि ग्राम सभा की मर्यादा को तोड़ने की हिम्मत न कर सके।
उमरिया जिले में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा इस तरह के विवादित आचरण का यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन वीडियो वायरल होने के कारण यह मामला विशेष रूप से चर्चा में आ गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सीईओ द्वारा जारी किए गए नोटिस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। उपसरपंच जयभान सिंह की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या सफाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। फिलहाल, पूरा मामला करकेली जनपद पंचायत और उमरिया जिला प्रशासन के स्तर पर विचाराधीन है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले की पुष्टि करता है कि रिपोर्टिंग पूरी तरह से सामने आए वीडियो और प्रशासनिक कार्रवाई पर आधारित है, तथा उपसरपंच का पक्ष आने पर उसे भी शामिल किया जाएगा।

