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Fri, Oct 9, 2026Updated 12:21 PM IST
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इंदौर: RE-2 रोड पर फिर शुरू हुई रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक मकान तोड़े जा रहे; भारी पुलिस बल तैनात

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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच बन रही रिंग रोड ईस्ट-2 (RE-2 रोड) के अधूरे हिस्से का निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने एक बार फिर बड़ी रिमूवल कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह से ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम सड़क निर्माण में बाधक मकानों को हटाने के अभियान में जुटी हुई है। इस कार्रवाई के तहत कुल 130 बाधक मकानों को तोड़ा जा रहा है।

नगर निगम कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी पूरी कार्रवाई की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद हैं। जानकारी के अनुसार, RE-2 रोड का यह हिस्सा लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ था। सड़क के मार्ग में आने वाले मकानों और अतिक्रमणों के कारण निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया जा सका था। अब प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर इस बाधा को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाया है। गुरुवार सुबह से शुरू हुए इस अभियान में निगम की टीम जेसीबी और अन्य भारी मशीनों के साथ पहुंची और बाधक मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

चूंकि यह एक बड़ी कार्रवाई है और इसमें 130 मकानों को तोड़ा जाना शामिल है, इसलिए किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। कार्रवाई स्थल पर पुलिस बल की कई गाड़ियां और जवान मौजूद हैं ताकि निगम की टीम बिना किसी रुकावट के अपना काम कर सके। निगम कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि प्रशासन इस प्रोजेक्ट को लेकर कितना गंभीर है और इसे हर हाल में पूरा करने का निर्णय लिया गया है।

बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना तक का यह मार्ग इंदौर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। रिंग रोड ईस्ट-2 के इस हिस्से के पूरा हो जाने से शहर के इस क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में इस मार्ग के अधूरे होने के कारण वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि आसपास की अन्य सड़कों पर भी ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती रहती है। ऐसे में इस सड़क का निर्माण पूरा होना आम जनता के लिए बड़ी राहत की बात होगी।

प्रशासन की ओर से की जा रही इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों की मौजूदगी देखी गई। हालांकि, भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण माहौल नियंत्रण में बना हुआ है। निगम की टीम निर्धारित योजना के अनुसार एक-एक करके बाधक मकानों को हटा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि सड़क निर्माण के मार्ग में आने वाले सभी 130 बाधक मकानों को पूरी तरह से नहीं हटा दिया जाता।

उल्लेखनीय है कि शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इस तरह की रिमूवल कार्रवाई अक्सर आवश्यक हो जाती है, जब सार्वजनिक हित के प्रोजेक्ट्स में निजी भवन या अतिक्रमण बाधा बनते हैं। इंदौर नगर निगम ने पहले भी शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों के लिए इस प्रकार के अभियान चलाए हैं। RE-2 रोड का यह प्रोजेक्ट शहर के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और बाधक मकानों को हटाए जाने के तुरंत बाद निर्माण एजेंसियों को काम शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि प्रोजेक्ट में और अधिक देरी न हो। फिलहाल, गुरुवार को शुरू हुई यह कार्रवाई इंदौर में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि यह अभियान कब तक पूरा होता है और इसके बाद सड़क निर्माण का काम कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।