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Fri, Oct 9, 2026Updated 2:23 PM IST
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किशनगंज: नाबालिग से रेप कर उसे गर्भवती करने का मामला, वीडियो बनाकर 7 महीने से ब्लैकमेल कर रहा था आरोपी, गिरफ्तार

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बिहार के किशनगंज जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने नाबालिग से रेप किया और इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता पर गर्भपात कराने का भी कथित तौर पर दबाव बनाया। मामले की गंभीरता को और अधिक बढ़ाते हुए यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी ने दुष्कर्म का वीडियो बना लिया था और पिछले सात महीनों से उसी वीडियो के आधार पर पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा मामला बिहार के सीमांचल क्षेत्र में स्थित किशनगंज जिले का है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार की इस घटना को अंजाम दिया था। दुष्कर्म की इस घिनौनी हरकत के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। जब पीड़िता के गर्भवती होने की बात सामने आई, तो आरोपी ने किसी भी तरह की मदद या जिम्मेदारी लेने के बजाय उस पर गर्भपात कराने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपी का उद्देश्य अपने द्वारा किए गए अपराध के सबूतों को मिटाना और खुद को बचाना था।

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने दुष्कर्म के दौरान या उसके आसपास का कोई वीडियो बना लिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी इस वीडियो का इस्तेमाल पिछले लगभग सात महीनों से पीड़िता नाबालिग को डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने के लिए कर रहा था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और उसकी चुप्पी सुनिश्चित करना चाहता था। ब्लैकमेलिंग के इस चक्कर में पीड़िता लंबे समय तक खौफ के साये में रही और शायद इसी कारणवश वह तुरंत पुलिस के पास जाने में असमर्थ थी। सात महीने तक चली इस प्रताड़ना ने नाबालिग के जीवन पर गहरा असर डाला है।

हालांकि, अंततः यह मामला स्थानीय पुलिस के संज्ञान में आ गया। जैसे ही पुलिस को इस घटना और ब्लैकमेलिंग की जानकारी मिली, उन्होंने त्वरित कार्रवाई की। किशनगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पीड़िता को कुछ राहत मिली है, लेकिन उसके साथ हुई इस जघन्य घटना ने समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि सभी पहलुओं को सामने लाया जा सके।

बिहार में नाबालिगों के खिलाफ अपराध और विशेष रूप से यौन हिंसा के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। किशनगंज जिला, जो पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा से लगा हुआ है, कई बार इस तरह की आपराधिक घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहता है। नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाना, उनका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करना और फिर गर्भपात के लिए दबाव बनाना—ये सभी कृत्य भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत अत्यंत गंभीर अपराध हैं। पॉक्सो एक्ट विशेष रूप से बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया है और इसके तहत दोषी पाए जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है।

इस प्रकार के मामलों में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आरोपी की गिरफ्तारी एक सकारात्मक कदम है, लेकिन पीड़िता के पुनर्वास और उसके मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। सात महीने तक ब्लैकमेलिंग का शिकार रहने और गर्भधारण के कारण नाबालिग को भारी शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा है। ऐसे में जिला प्रशासन और बाल कल्याण समिति (CWC) से यह अपेक्षा की जाती है कि वे पीड़िता को आवश्यक चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और कानूनी सहायता प्रदान करें।

स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि आरोपी ने अपनी करतूत को छुपाने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाया। वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना आज के डिजिटल युग में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों का एक आम और बेहद खतरनाक तरीका बन गया है। किशनगंज की इस घटना ने एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया है कि कैसे अपराधी तकनीक का दुरुपयोग करके पीड़ितों को खामोश रखने का प्रयास करते हैं। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि न्यायालय में यह मामला कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है। फिलहाल, आरोपी पुलिस की हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।