मदन महल रेलवे स्टेशन पर RPF डॉग स्क्वॉड के ‘सिम्हा’ ने पकड़ाए पटाखों से भरे दो बैग, दो यात्री हिरासत में

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित मदन महल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के डॉग स्क्वॉड ने अपनी सूंघने की अद्भुत क्षमता और सतर्कता का शानदार परिचय देते हुए एक बड़ी सुरक्षा चूक को समय रहते टाल दिया है। दीपावली त्योहार के मद्देनजर रेलवे स्टेशनों पर चलाए जा रहे विशेष सुरक्षा अभियान और नियमित चेकिंग के दौरान आरपीएफ के प्रशिक्षित श्वान ‘सिम्हा’ ने प्लेटफार्म क्रमांक 01 पर रखे दो संदिग्ध बैगों की ओर विशेष संकेत किया। श्वान द्वारा दिए गए इस सटीक संकेत के आधार पर जब आरपीएफ जवानों ने उक्त बैगों की विस्तृत तलाशी ली, तो उनमें बड़ी मात्रा में खतरनाक एवं अत्यधिक ज्वलनशील पटाखे बरामद हुए। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने तत्परता दिखाते हुए दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मदन महल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 01 पर उस समय सामने आई, जब दीपावली के त्योहार को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा था। त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, जिसके चलते असामाजिक तत्वों या अनजाने में यात्रियों द्वारा प्रतिबंधित वस्तुओं को ट्रेनों में ले जाने की आशंका बढ़ जाती है। इसी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ ने अपने डॉग स्क्वॉड को सक्रिय रूप से चेकिंग अभियान में शामिल किया हुआ था। इसी चेकिंग के दौरान आरपीएफ के विशेष रूप से प्रशिक्षित श्वान ‘सिम्हा’ ने प्लेटफार्म पर मौजूद दो यात्रियों के बैगों के पास पहुंचकर अलग तरह से व्यवहार करना शुरू कर दिया और बैठकर विशेष संकेत दिया, जो कि विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ होने की पहचान का प्रशिक्षित तरीका है।
श्वान ‘सिम्हा’ के इस स्पष्ट और सटीक संकेत को समझते हुए ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवानों ने तुरंत हरकत में आते हुए दोनों बैगों को सुरक्षित दूरी पर खुलवाया। जब बैगों की गहन जांच की गई, तो उनके अंदर बड़ी मात्रा में पटाखे छिपाकर रखे हुए मिले। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए ये पटाखे बेहद खतरनाक और अत्यधिक ज्वलनशील श्रेणी में आते हैं। भारतीय रेलवे के सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुसार, इस प्रकार के विस्फोटक और ज्वलनशील पटाखों का रेलगाड़ियों के माध्यम से यात्रियों के बीच परिवहन करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। यदि किसी दुर्घटनावश इन पटाखों में आग लग जाती या कोई विस्फोट होता, तो प्लेटफार्म पर मौजूद सैकड़ों मासूम यात्रियों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बैगों को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही, जिन दो यात्रियों के नाम से ये बैग थे, उन्हें भी तत्काल हिरासत में ले लिया गया है। हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों से आरपीएफ की टीम पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इन प्रतिबंधित पटाखों को किस मकसद से, कहां से और किसके निर्देश पर लेकर जा रहे थे। क्या यह पटाखों की अवैध तस्करी का मामला है या फिर व्यक्तिगत उपयोग के लिए लापरवाहीवश इन्हें ट्रेन में लाया जा रहा था, इसकी जांच की जा रही है।
आरपीएफ के डॉग स्क्वॉड में शामिल श्वान ‘सिम्हा’ की इस उपलब्धि की रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने सराहना की है। ‘सिम्हा’ को विस्फोटक पदार्थों और ज्वलनशील सामग्रियों को सूंघकर पहचानने का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है। त्योहारी सीजन में जब स्टेशनों पर भारी भीड़ होती है और मशीनों से जांच में कुछ चीजें छूट सकती हैं, ऐसे में डॉग स्क्वॉड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। ‘सिम्हा’ की इस सतर्कता ने न केवल एक बड़ी संभावित दुर्घटना को टाल दिया है, बल्कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया है।
दीपावली के त्योहार के दौरान रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पूरे देश में और विशेषकर मध्य प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है। जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन और मदन महल जैसे व्यस्त स्टेशनों पर आरपीएफ जवानों के अलावा डॉग स्क्वॉड की तैनाती बढ़ा दी गई है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे रेलवे के नियमों का सख्ती से पालन करें और किसी भी प्रकार के ज्वलनशील, विस्फोटक या प्रतिबंधित पदार्थों को ट्रेन में ले जाने से बचें। यदि कोई यात्री ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मदन महल स्टेशन पर हुई इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आरपीएफ और उसके डॉग स्क्वॉड यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर समय मुस्तैद हैं।

