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Fri, Oct 9, 2026Updated 2:27 PM IST
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बिहार में कानून व्यवस्था पर CM सम्राट चौधरी सख्त: मुख्य सचिव और DGP के साथ हाईलेवल बैठक, महिलाओं के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के निर्देश

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पटना। वंदे भारत न्यूज। बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को अपने आवास पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, हाल के दिनों में सामने आए गंभीर आपराधिक मामलों और विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध और सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। इसका सीधा अर्थ है कि ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बिहार के मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक के दौरान अधिकारियों से राज्य के विभिन्न जिलों में कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हाल के दिनों में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से इन मामलों की पूरी जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लें और पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए तेजी से काम करें।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता को सुरक्षित महसूस कराना प्रशासन और पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि कोई अधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गंभीर आपराधिक मामलों की नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया ताकि अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके और राज्य में अपराध की दर में कमी लाई जा सके।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बैठक में मौजूद मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाना जरूरी है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ काम करने और जनता की समस्याओं का समाधान ईमानदारी से करने का आदेश दिया।

बैठक के दौरान डीजीपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब तक किए गए प्रयासों और आगे की कार्ययोजना के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से अवगत कराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्ती बढ़ा दी गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करने के बजाय अधिकारियों से परिणामों में और अधिक सुधार लाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का डर होना चाहिए और इसके लिए पुलिस को अपनी सक्रियता लगातार बनाए रखनी होगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में यह भी निर्देश दिया कि सभी थाना स्तर पर महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को थानों में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। पुलिस को संवेदनशीलता के साथ ऐसे मामलों से निपटना होगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और न्यायालयों में मजबूती से पैरवी करने के निर्देश दिए, ताकि अपराधियों को समय पर सजा मिल सके और समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए।

बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा अपने आवास पर बुलाई गई इस उच्चस्तरीय बैठक को राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्य सचिव और डीजीपी जैसे शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस समीक्षा से यह स्पष्ट संदेश गया है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रशासन और पुलिस से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के उनके निर्देशों से साफ है कि राज्य सरकार इन दोनों मुद्दों को लेकर बेहद गंभीर है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री के इन सख्त निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर होता है और क्या अधिकारी इन आदेशों का पूरी निष्ठा से पालन कर पाते हैं।