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Fri, Oct 9, 2026Updated 4:32 PM IST
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पटना: ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख हारने पर दसवीं के छात्र ने रची अपने अपहरण की साजिश, पिता से मांगी 2 लाख की फिरौती; मुजफ्फरपुर से सुरक्षित बरामद

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पटना। बिहार की राजधानी पटना में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने ऑनलाइन गेम में भारी रकम हारने के बाद खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। यह छात्र पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उसे इस कदर घेर लिया कि उसने अपने दोस्तों से उधार लिए गए रुपये लौटाने के दबाव में आकर अपहरण का पूरा नाटक रचा और अपने ही परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांग ली। हालांकि, पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई के चलते इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया और छात्र को मुजफ्फरपुर से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में रहकर पढ़ाई कर रहे इस छात्र की उम्र अभी बहुत कम है, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उसे एक गंभीर आपराधिक साजिश रचने पर मजबूर कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्र पिछले कुछ समय से ऑनलाइन गेम खेल रहा था। इस दौरान वह लगातार पैसे हारता गया और देखते ही देखते उसका नुकसान 1.45 लाख रुपये तक पहुंच गया। यह पूरी रकम उसने अपने साथियों और दोस्तों से उधार के तौर पर ली थी। जब दोस्तों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो छात्र पर भारी मानसिक दबाव बन गया। इसी दबाव से निकलने के लिए उसने एक खतरनाक रास्ता चुना और अपने ही अपहरण की झूठी योजना बना डाली।

इस पूरी साजिश में छात्र अकेला नहीं था, बल्कि उसके कुछ साथियों ने भी उसका साथ दिया। इन साथियों ने मिलकर अपहरण का एक पूरा नाटक रचा ताकि परिजनों को यकीन दिलाया जा सके कि छात्र का वास्तव में अपहरण हो गया है। योजना के तहत छात्र के परिजनों को फोन करके दो लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। फिरौती की इस मांग ने परिवार में हड़कंप मचा दिया। छात्र के पिता ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी और मामले की जांच की मांग की।

परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पटना पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। बुद्धा कॉलोनी थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले छात्र के मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल को खंगालना शुरू किया। तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद से पुलिस को संदेह हुआ कि यह मामला किसी बाहरी अपहरणकर्ताओं का नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी साजिश का हिस्सा हो सकता है। पुलिस ने छात्र के संपर्क में रहे लोगों और उसके साथियों से भी पूछताछ शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनसे पता चला कि छात्र की लोकेशन मुजफ्फरपुर की तरफ जा रही है। इसके बाद पटना पुलिस की एक टीम तत्काल मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हुई। मुजफ्फरपुर पहुंचकर पुलिस ने तकनीकी इनपुट्स और स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया। छात्र के मिलते ही पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पूछताछ में छात्र ने पुलिस को बताया कि ऑनलाइन गेम में 1.45 लाख रुपये हारने के बाद वह दोस्तों का कर्ज चुकाने में असमर्थ था। दोस्तों के लगातार दबाव और पैसे वापस मांगने की वजह से उसने घबराकर यह कदम उठाया। उसने स्वीकार किया कि अपहरण की पूरी कहानी झूठी थी और इसे उसने अपने कुछ साथियों की मदद से अंजाम दिया था। फिरौती के रूप में मांगे गए दो लाख रुपये से वह अपने दोस्तों का कर्ज चुकाने और बची हुई रकम को अपने पास रखने की योजना बना रहा था।

यह मामला आज के दौर में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और उसके खतरनाक परिणामों की एक बड़ी मिसाल है। कम उम्र के छात्रों में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी वाली ऐप्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जो उन्हें न केवल आर्थिक रूप से बर्बाद कर रहा है, बल्कि मानसिक तौर पर भी विचलित कर रहा है। पैसे हारने के बाद कर्ज का बोझ और उसे चुकाने का दबाव कई बार युवाओं को इस तरह के अपराध की ओर धकेल देता है। पटना के इस मामले ने एक बार फिर अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चेतावनी का काम किया है कि वे बच्चों की मोबाइल और इंटरनेट गतिविधियों पर नजर रखें।

पुलिस ने छात्र को सुरक्षित बरामद करने के बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया है। हालांकि, इस पूरी घटना में शामिल अन्य साथियों की भूमिका की भी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फिरौती की कॉल किस नंबर से की गई थी या इस साजिश में और कितने लोग शामिल थे। पुलिस उन सभी पहलुओं की जांच कर रही है जिनसे यह पता चल सके कि इस झूठे अपहरण के नाटक में किन-किन लोगों ने छात्र की मदद की। बुद्धा कॉलोनी थाने की पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।