सतना: आईडीबीआई बैंक की राजेंद्र नगर शाखा में ग्राहकों की एफडी से रकम गायब, कोर्ट के आदेश पर जमा मुआवजे में गड़बड़ी की कलेक्टर ने एलडीएम को सौंपी जांच

मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां स्थित आईडीबीआई बैंक की राजेंद्र नगर शाखा में ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के रकम निकाल लिए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है और सतना के कलेक्टर ने इस घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) को सौंप दी है। यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें शामिल राशि कोई साधारण बचत नहीं, बल्कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों पर जमा कराई गई मुआवजे की रकम है।
बैंक की राजेंद्र नगर शाखा से जुड़े जो दो प्रमुख मामले सामने आए हैं, वे दोनों ही दुर्घटनाओं में हुई मौतों के बाद मिले मुआवजे से सीधे तौर पर संबंधित हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहला मामला एक रेल दुर्घटना से जुड़ा हुआ है, जबकि दूसरा मामला एक सड़क दुर्घटना से संबंधित है। इन दोनों ही दर्दनाक हादसों में पीड़ित परिवारों ने अपने परिजनों को खो दिया था। इसके बाद न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों के अनुपालन में संबंधित पक्षों की ओर से मुआवजे की राशि मृतकों के आश्रितों के नाम से आईडीबीआई बैंक की इस शाखा में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा कराई गई थी। अदालत के आदेश पर जमा होने वाली यह राशि कानूनी रूप से पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है और इसका संचालन न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाना अनिवार्य होता है।
आरोपों के मुताबिक, बैंक खातों में जमा इस मुआवजे की रकम में बिना ग्राहकों को बताए और उनकी सहमति के हेराफेरी की गई है। फिक्स्ड डिपॉजिट से रकम गायब होने की बात तब सामने आई, जब संबंधित खाताधारकों को इसकी भनक लगी। चूंकि यह राशि अदालती आदेश से सुरक्षित रखी गई थी, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की अनधिकृत निकासी या गड़बड़ी सीधे तौर पर कानूनी प्रक्रियाओं और न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन की श्रेणी में आती है। पीड़ित परिवार पहले ही रेल और सड़क दुर्घटनाओं में अपने परिजनों की मौत का गम झेल रहे हैं, ऐसे में उनके मुआवजे की रकम के साथ हुई इस कथित धांधली ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सतना के कलेक्टर ने हस्तक्षेप किया है। कलेक्टर ने जिले के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) को निर्देश देते हुए इस मामले की तह तक जाने और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है। एलडीएम जिले में सभी बैंकों के कामकाज की निगरानी और समन्वय का कार्य देखते हैं। कलेक्टर द्वारा एलडीएम को जांच सौंपे जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि जिला प्रशासन इस वित्तीय अनियमितता के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आखिरकार बैंक की राजेंद्र नगर शाखा में अदालत के आदेश पर जमा की गई मुआवजे की राशि के साथ ऐसा कैसे हो गया और इसके पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
बैंकिंग नियमों और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, फिक्स्ड डिपॉजिट से रकम की निकासी केवल खाताधारक के स्पष्ट निर्देशों या फिर सक्षम न्यायालय के आदेश पर ही की जा सकती है। यदि किसी खाते में रकम अदालत के आदेश पर विशेष रूप से जमा कराई गई है, तो उस खाते का संचालन सामान्य बैंक खातों की तरह नहीं होता है। ऐसे खातों पर न्यायालय की निगरानी रहती है और बैंक को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होती है। इस मामले में बिना बताए रकम निकाले जाने के आरोप बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर सीधे सवाल खड़े करते हैं।
अब एलडीएम द्वारा की जाने वाली जांच में बैंक के उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी, जिनके कार्यकाल या देखरेख में इन खातों से रकम निकाली गई या ट्रांसफर की गई। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या यह गड़बड़ी किसी तकनीकी खामी का परिणाम है या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश है। जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि दोषियों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई की जाएगी और क्या इस मामले को पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों को भी सौंपा जाएगा।
सतना जिले में आईडीबीआई बैंक की राजेंद्र नगर शाखा में हुए इस कथित घोटाले ने आम जनता और बैंक ग्राहकों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। लोग यह जानना चाहते हैं कि अगर अदालत के आदेश पर जमा कराई गई मुआवजे की रकम भी बैंक में सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की गाढ़ी कमाई का क्या होगा। फिलहाल पूरा जिला प्रशासन और बैंकिंग तंत्र एलडीएम की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। वंदे भारत न्यूज इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच में सामने आने वाले हर नए तथ्य को अपने पाठकों तक पहुंचाता रहेगा।

