अकाल तख्त साहिब पहुंचीं पूर्व शिअद नेता रूप कौर संधू, बोलीं- पीड़ित महिलाओं को मिल रही धमकियां, AI वीडियो बताकर मामला दबाया नहीं जा सकता

अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े एक संवेदनशील मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला से संबंधित विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में आज श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने वाली पीड़ित महिलाओं को धमकियां मिलने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिरोमणि अकाली दल की पूर्व नेता बीबी रूप कौर संधू ने एक वीडियो जारी करके यह दावा किया है कि पीड़ित महिलाओं को डराया-धमकाया जा रहा है ताकि वे अकाल तख्त साहिब में अपनी बात न रख सकें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले को महज एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो बताकर दबाया नहीं जा सकता।
बीबी रूप कौर संधू ने जारी किए गए वीडियो में पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि जो महिलाएं आज श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने जा रही थीं, उन्हें पहले से ही धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन धमकियों का मकसद पीड़ित महिलाओं का मनोबल तोड़ना और उन्हें न्याय की लड़ाई से पीछे हटने पर मजबूर करना है। पूर्व अकाली नेता ने कहा कि सिख पंथ के सर्वोच्च धार्मिक स्थल श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होना हर सिख का अधिकार है और किसी भी व्यक्ति या समूह को यह अधिकार छीनने का हक नहीं है। उन्होंने मांग की कि पीड़ित महिलाओं को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे बिना किसी भय के अपना पक्ष रख सकें।
इस विवाद का केंद्र एसजीपीसी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़ा हुआ है। उनसे संबंधित कुछ वीडियो सामने आए थे, जिन्हें लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया था। अब इस मामले में कुछ लोगों द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक के जरिए बनाए गए हैं और ये असली नहीं हैं। हालांकि, बीबी रूप कौर संधू ने इस तर्क को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने वीडियो बयान में साफ तौर पर कहा कि एआई वीडियो का बहाना बनाकर इस गंभीर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं की आवाज को तकनीकी शब्दों के पीछे छिपाकर अनदेखा नहीं किया जा सकता।
बीबी रूप कौर संधू ने इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन से भी सीधी अपील की है। उन्होंने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मांग की है कि पीड़ित महिलाओं को तुरंत सुरक्षा मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को धमकियां मिल रही हैं, तो यह सीधे तौर पर उनकी जान और सुरक्षा का मामला है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि पीड़ित महिलाओं को कोई नुकसान न पहुंचे। उन्होंने डीजीपी से गुहार लगाई कि धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
श्री अकाल तख्त साहिब सिख धर्म का सर्वोच्च धार्मिक और न्यायिक स्थल है। यहां किसी भी मामले में फैसला या सुनवाई होना पूरे सिख समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जब कोई मामला अकाल तख्त साहिब में पहुंचता है, तो उसकी गंभीरता कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में पीड़ित महिलाओं को धमकियां मिलने की खबर ने सिख संगत और सामाजिक संगठनों में भी चिंता पैदा कर दी है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिरकार वे कौन लोग हैं जो अकाल तख्त साहिब की कार्यवाही को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़ा यह मामला पिछले कुछ समय से चर्चा में बना हुआ है। चावला एसजीपीसी के सदस्य रह चुके हैं, जिसकी वजह से यह विवाद न केवल सामाजिक बल्कि धार्मिक प्रबंधन से भी जुड़ जाता है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिख गुरुद्वारों के प्रबंधन की सर्वोच्च संस्था है और इसके सदस्यों पर नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारियों का विशेष भार होता है। ऐसे में किसी पूर्व सदस्य पर इस तरह के आरोप लगना संस्था की छवि के लिए भी संवेदनशील विषय बन गया है।
पूर्व शिअद नेता बीबी रूप कौर संधू ने अपने वीडियो संदेश में यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं के साथ हो रहे इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाएं न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं और उनका यह संघर्ष पूरी तरह से वैध है। उन्होंने समाज से भी अपील की कि वे पीड़ित महिलाओं का साथ दें और उन्हें अकेला न छोड़ें। उन्होंने कहा कि अगर आज इन महिलाओं की आवाज को दबा दिया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और भी मुश्किल हो जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर अभी तक इस मामले में पुलिस प्रशासन या अमरजीत सिंह चावला की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पीड़ित महिलाओं को किस तरह की धमकियां दी गई हैं और धमकी देने वाले कौन लोग हैं। बीबी रूप कौर संधू ने अपने वीडियो में धमकी देने वालों की पहचान सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं की है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि दबाव बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के बाहर आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पीड़ित महिलाओं का यहां पेश होना तय था। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन बीबी रूप कौर संधू की सुरक्षा की मांग पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या पीड़ित महिलाएं बिना किसी बाधा के अकाल तख्त साहिब में अपना पक्ष रख पाती हैं या नहीं। यह पूरा मामला सिख पंथ की मर्यादा, महिला सुरक्षा और न्याय के अधिकार से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

