जालंधर: लोहियां खास रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रवाना करने को लेकर विवाद, स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने मैनेजर के सिर पर मारा डंडा; वीडियो वायरल होने पर दोनों कर्मचारी तलब

पंजाब के जालंधर जिले में स्थित लोहियां खास रेलवे स्टेशन पर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ट्रेन को रवाना करने की प्रक्रिया को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद इस कदर बढ़ गया कि वह हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने ट्रेन मैनेजर (गार्ड) के साथ मारपीट की और उनके सिर पर डंडे से वार किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए दोनों कर्मचारियों को तलब कर लिया है।
मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना जालंधर के लोहियां खास रेलवे स्टेशन परिसर में हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीटीपीएन (पेट्रोल टैंक वैगन) से जुड़ी एक ट्रेन को रवाना करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान ट्रेन को प्लेटफॉर्म से भेजने को लेकर स्टेशन सुपरिंटेंडेंट यशवंत और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) रवि के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में यह बहस एक सामान्य कार्य संबंधी विवाद लग रही थी, लेकिन देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि सुपरिंटेंडेंट यशवंत ने अपना आपा खो दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर बताया जा रहा है कि विवाद चरम पर पहुंचने के बाद स्टेशन सुपरिंटेंडेंट यशवंत ने ट्रेन मैनेजर रवि पर हमला कर दिया। यशवंत ने रवि के सिर पर डंडे से वार किया। अचानक हुए इस हमले से ट्रेन मैनेजर रवि संभल नहीं पाए और उनके हाथ से फोन छूटकर नीचे गिर गया। यह घटना खुले स्टेशन परिसर में हुई, जिसके कारण वहां मौजूद अन्य रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के बीच भारी हंगामा मच गया। किसी भी व्यक्ति ने इस घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला रेलवे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। रेलवे अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, मामले की जांच के लिए स्टेशन सुपरिंटेंडेंट यशवंत और ट्रेन मैनेजर रवि, दोनों को ही तलब कर लिया गया है। दोनों कर्मचारियों से इस विवाद और उसके बाद हुई मारपीट के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। रेलवे प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आखिरकार ट्रेन रवाना करने की नियमित प्रक्रिया के दौरान ऐसा क्या हुआ कि एक वरिष्ठ कर्मचारी ने दूसरे कर्मचारी पर भौतिक हमला कर दिया।
यह ध्यान देने योग्य बात है कि जिस ट्रेन को लेकर यह विवाद हुआ, वह बीटीपीएन यानी पेट्रोल टैंक वैगन से संबंधित थी। पेट्रोलियम उत्पादों और ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने वाली ट्रेनों की सुरक्षा और परिचालन को लेकर रेलवे के बहुत सख्त नियम होते हैं। ऐसे संवेदनशील मालवाहक ट्रेनों के संचालन के दौरान कर्मचारियों के बीच इस तरह का अनुशासनहीनता का मामला सुरक्षा मानकों के लिहाज से भी चिंता का विषय माना जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस झड़प के कारण ट्रेन के परिचालन में कोई देरी हुई या नहीं।
रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कर्मचारियों के बीच समय-समय पर कार्यभार, शेड्यूल और सिग्नलिंग को लेकर मतभेद सामने आते रहते हैं, लेकिन विवाद का इस स्तर तक पहुंचना और एक अधिकारी द्वारा दूसरे पर डंडे से हमला करना रेलवे के अनुशासनात्मक नियमों का सीधा उल्लंघन है। भारतीय रेलवे के नियमों के तहत ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की मारपीट या हिंसा के लिए कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर रेलवे प्रशासन ने अपनी जांच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ निलंबन सहित क्या ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जालंधर के लोहियां खास रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने रेलवे कर्मचारियों के कार्यस्थल पर व्यवहार और सुरक्षा प्रबंधन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में रेलवे अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर नजर बनाए हुए है।

