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Sun, Oct 11, 2026Updated 12:39 PM IST
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नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु का रिकॉर्ड तोड़ा: 1 लाख 22 हजार वोटों से जीत; पुडुचेरी में NDA और तमिलनाडु की 2 सीटों पर TVK का कब्जा

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वांडे भारत न्यूज़। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी सहित चार राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की कुल छह विधानसभा और लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। मतगणना के दौरान प्राप्त शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम परिणामों तक, इन उपचुनावों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण बदलावों को दर्शाया है। सबसे चौंकाने वाले परिणाम पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट से आए हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पिछले चुनावी रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भाजपा ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने 1 लाख 22 हजार वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की है। यह जीत इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले इस सीट पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का जो चुनावी रिकॉर्ड था, उसे भाजपा के नए उम्मीदवार ने ध्वस्त कर दिया है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में ही नंदीग्राम के साथ-साथ बंगाल की रेजीनगर सीट पर भी भाजपा बढ़त बनाए हुए थी, और अंततः पार्टी ने अपनी इस शुरुआती लीड को एक निर्णायक जीत में बदल दिया। नंदीग्राम हमेशा से बंगाल की राजनीति में एक संवेदनशील और प्रतिष्ठा से जुड़ी सीट रही है। ऐसे में यहां इतने बड़े अंतर से मिली जीत भाजपा के लिए राज्य में अपनी पैठ मजबूत करने का एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। वहीं, रेजीनगर सीट पर भी भाजपा के प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया कि बंगाल में सत्तारूढ़ दल को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्वोत्तर राज्य असम में भी उपचुनाव की मतगणना पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं। असम की नागांव सीट पर हुए इस उपचुनाव में मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है। हालांकि, मतगणना के दौरान विभिन्न राउंड्स में वोटों की गिनती के रुझान लगातार अपडेट होते रहे। असम में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच इस सीट को लेकर कड़ी टक्कर देखने को मिली। नागांव सीट का परिणाम असम की क्षेत्रीय राजनीति और आगामी चुनावी रणनीतियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों के परिणामों ने भी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया है। तमिलनाडु में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे, जिनमें मदुरंतकम और धारापुरम शामिल हैं। मतगणना के शुरुआती रुझानों में मदुरंतकम सीट पर राज्य के मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने मजबूत बढ़त बनाई थी। अंततः टीवीके ने इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया है। मुख्यमंत्री विजय की पार्टी के लिए यह जीत उनके जनाधार को और मजबूत करने वाली साबित होगी। दूसरी ओर, तमिलनाडु की धारापुरम सीट पर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने शुरुआती रुझानों से ही अपनी स्थिति मजबूत रखी और बेहतर प्रदर्शन किया। तमिलनाडु में टीवीके और एआईएडीएमके के बीच देखी गई यह राजनीतिक प्रतिस्पर्धा राज्य के बदलते राजनीतिक माहौल को दर्शाती है। टीवीके द्वारा दोनों में से एक सीट पर जीत हासिल करना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक है।

इसी प्रकार, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन किया है। पुडुचेरी की सीट पर एनडीए ने जीत दर्ज करके अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया है। मतगणना के दौरान मिले रुझानों ने शुरू से ही एनडीए के पक्ष में माहौल दिखाया था, जिसे अंततः जीत में तब्दील कर दिया गया। पुडुचेरी में एनडीए की यह जीत केंद्र और प्रदेश की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई है।

चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की इन छह सीटों पर हुए उपचुनाव की मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। चुनाव आयोग द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि मतगणना केंद्रों पर किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो सके। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम परिणामों की घोषणा तक, सभी सीटों पर वोटों की गिनती के हर चरण को मीडिया और आम जनता के सामने अपडेट किया गया।

इन उपचुनावों के परिणामों का विश्लेषण करें तो यह स्पष्ट होता है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने नंदीग्राम में 1 लाख 22 हजार वोटों के अंतर से जीतकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पिछले रिकॉर्ड का टूटना बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा सकता है। तमिलनाडु में टीवीके और एआईएडीएमके के बीच बंटे परिणामों ने दिखाया कि वहां की क्षेत्रीय राजनीति अभी भी अत्यंत प्रतिस्पर्धी है। पुडुचेरी में एनडीए की जीत ने गठबंधन की नीतियों पर जनता की मुहर लगने की पुष्टि की है। असम की नागांव सीट का परिणाम भी पूर्वोत्तर की राजनीतिक दिशा तय करने में भूमिका निभाएगा। वांडे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इन सभी छह सीटों के आधिकारिक परिणाम अब घोषित किए जा चुके हैं और संबंधित उम्मीदवारों को जीत के प्रमाण पत्र सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।