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Sat, Oct 10, 2026Updated 3:47 PM IST
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नेपानगर के नावरा गांव में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: वोट चोरी और नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ मनाया ब्लैक डे, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

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बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में कांग्रेस पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के नेतृत्व में नेपानगर तहसील के अंतर्गत आने वाले नावरा गांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ‘ब्लैक डे’ मनाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि हाल ही में संपन्न हुई चुनावी प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर वोटों की चोरी की गई है और पार्टी के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाकर उनकी गिरफ्तारियां की गई हैं।

शुक्रवार को नेपानगर क्षेत्र के नावरा गांव में सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण द्वारा आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नेता, पदाधिकारी और आम कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने हाथों में काली पट्टियां बांध रखी थीं और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाए गए इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य चुनावी अनियमितताओं के प्रति जनता और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे पवित्र अधिकार है, लेकिन इसे छीनने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके खिलाफ पूरे संगठन ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की है।

नावरा गांव में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की सीधी मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं का स्पष्ट आरोप था कि चुनाव आयोग ने अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्ष रूप से नहीं किया। उनके अनुसार, वोटों की चोरी की घटनाओं को रोकने में चुनाव आयोग पूरी तरह से विफल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक चुनाव आयोग के शीर्ष पद पर बैठे अधिकारी निष्पक्ष रूप से काम नहीं करेंगे, तब तक आम मतदाताओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था से विश्वास उठता जाएगा। इसी कारणवश उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नैतिक आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जा सके।

कांग्रेस पार्टी ने वोट चोरी के साथ-साथ अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का भी तीखा विरोध किया। पार्टी का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान और उसके बाद कांग्रेस के कई सक्रिय कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को बिना किसी ठोस कारण के गिरफ्तार किया गया या उन्हें परेशान किया गया। कांग्रेस नेताओं ने धरने के दौरान कहा कि यह गिरफ्तारियां राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित हैं और इनका उद्देश्य विपक्ष की आवाज को दबाना है। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पदाधिकारियों ने मांग की कि जिन निर्दोष नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाकर गिरफ्तार किया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला नहीं रुका और वोट चोरी की शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर और भी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

नेपानगर के नावरा गांव में हुए इस प्रदर्शन ने बुरहानपुर जिले के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने इस विरोध प्रदर्शन को केवल एक गांव तक सीमित न रखते हुए पूरे जिले में फैलाने का संकेत दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नावरा गांव का यह धरना एक शुरुआत है और अगर प्रशासन तथा चुनाव आयोग ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में तहसील और जिला मुख्यालय स्तर पर भी बड़े विरोध मार्च निकाले जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय जनता से भी अपील की है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस लड़ाई में कांग्रेस का साथ दें। उनका कहना था कि वोट चोरी केवल एक राजनीतिक दल का नुकसान नहीं है, बल्कि यह हर उस नागरिक के अधिकारों का हनन है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेता है।

शुक्रवार को हुए इस धरना-प्रदर्शन के दौरान नावरा गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। धरना स्थल पर मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील की। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम और अपनी मांगों को लेकर वे जल्द ही जिला प्रशासन और संबंधित चुनाव अधिकारियों को एक औपचारिक ज्ञापन भी सौंपेंगे। इस ज्ञापन में वोट चोरी के विशिष्ट आरोपों और गिरफ्तार किए गए नेताओं की सूची शामिल की जाएगी।

बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा ‘ब्लैक डे’ मनाए जाने की यह घटना राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग ने इस विरोध प्रदर्शन को एक बड़ा राजनीतिक आयाम दे दिया है। फिलहाल, चुनाव आयोग या जिला प्रशासन की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों और इस्तीफे की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। देखना यह होगा कि कांग्रेस का यह आंदोलन आगे क्या रूप लेता है और चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में सभी पक्षों की प्रतिक्रिया प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है और जैसे ही कोई नया अपडेट मिलेगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।