राजनांदगांव में फर्जी साइबर पुलिस बनकर युवक का अपहरण, गांजा के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख की रंगदारी मांगी; एक गिरफ्तार

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में अपराधियों ने एक नई और बेहद चौंकाने वाली वारदात को अंजाम दिया है। यहां बदमाशों ने खुद को साइबर पुलिस का अधिकारी बताकर एक युवक का अपहरण कर लिया। बीयर पिलाने के बहाने उसे कार में बैठाया गया और फिर सुनसान इलाके में ले जाकर गांजा के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। आरोपियों ने पीड़ित युवक से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। इस सनसनीखेज मामले में बसंतपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना का मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।
यह पूरा मामला राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पहले से ही एक सुनियोजित साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पीड़ित युवक से संपर्क किया और उसे बीयर पिलाने का प्रलोभन दिया। युवक को विश्वास में लेकर उसे एक कार में बिठाया गया। जैसे ही युवक कार में बैठा, आरोपियों ने वाहन का रुख शहर की भीड़भाड़ से दूर एक सुनसान जगह की ओर मोड़ दिया। एकांत स्थान पर पहुंचने के बाद आरोपियों ने अपना असली रूप दिखाया और युवक को डरा-धमका कर उसके साथ मारपीट की।
सुनसान इलाके में ले जाने के बाद आरोपियों ने खुद को साइबर पुलिस का कर्मचारी बताया। उन्होंने युवक को यह कहकर आतंकित करना शुरू कर दिया कि वह अवैध गतिविधियों में शामिल है। आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि वे उसके खिलाफ गांजा रखने और तस्करी करने का झूठा मामला दर्ज कर देंगे। फर्जी साइबर पुलिस का रौब दिखाते हुए बदमाशों ने कहा कि अगर युवक ने उनकी बात नहीं मानी तो उसे जेल भिजवा दिया जाएगा और उसके परिवार की बदनामी होगी। इसी धमकी के आधार पर आरोपियों ने युवक से पांच लाख रुपये की भारी रकम की मांग की।
आरोपियों ने स्पष्ट किया कि यदि पांच लाख रुपये नहीं दिए गए तो उसे गांजा के फर्जी केस में फंसाकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। जान-माल के खतरे और झूठे केस में फंसने के डर से पीड़ित युवक बुरी तरह सहम गया। किसी तरह मौका मिलने पर या घटना के बाद पीड़ित युवक ने इस पूरी वारदात की जानकारी बसंतपुर थाने में दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई। युवक ने पुलिस को बताया कि कैसे उसे बीयर पिलाने के बहाने बुलाया गया, कार में बिठाकर सुनसान जगह ले जाया गया और फर्जी साइबर पुलिस बनकर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
पीड़ित की शिकायत मिलते ही बसंतपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने अपहरण, रंगदारी मांगने और सरकारी अधिकारी होने का झूठा स्वांग रचने सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। बसंतपुर पुलिस की टीम ने तकनीकी सुराग और मुखबिरों की सूचना के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल एक आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 27 वर्षीय नवीन साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने नवीन साहू को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
हालांकि, पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस घटना को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने पुष्टि की है कि नवीन साहू की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। बसंतपुर पुलिस की टीमें फरार मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और सभी जरूरी सुरागों पर काम किया जा रहा है।
यह घटना राजनांदगांव जिले में बढ़ते अपराध और अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों को उजागर करती है। हाल के दिनों में अपराधी खुद को पुलिस या साइबर सेल का अधिकारी बताकर आम लोगों को डराने और उनसे वसूली करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में भी ठीक यही पैटर्न देखने को मिला, जहां फर्जी साइबर पुलिस का नाम लेकर एक निर्दोष युवक को ब्लैकमेल किया गया। गांजा जैसे संवेदनशील और गंभीर अपराध के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देना इस बात का संकेत है कि बदमाश लोगों के मन में कानून का कितना डर बैठाने की कोशिश करते हैं ताकि वे आसानी से मोटी रकम ऐंठ सकें।
पुलिस प्रशासन ने इस प्रकार की घटनाओं को देखते हुए आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ जाने या उसके द्वारा दिए गए प्रलोभनों से बचें। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस या साइबर सेल का अधिकारी बताए और बिना वर्दी या वैध पहचान पत्र के कार्रवाई की बात करे, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर पर दें। बसंतपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा। गिरफ्तार आरोपी नवीन साहू से पूछताछ में कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पीड़ित युवक को पूरी सुरक्षा और न्याय दिलाया जाएगा।

