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रायपुर: तीन साल की बच्ची से कथित यौन शोषण का मामला, एम्स में तैनात सिक्योरिटी गार्ड परमानन्द ध्रुव गिरफ्तार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के आमानाका थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटीबंध बस्ती में महज तीन साल की एक मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन शोषण किए जाने की घटना प्रकाश में आई है। इस जघन्य अपराध के आरोप में पुलिस ने परमानन्द ध्रुव नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पेशे से सिक्योरिटी गार्ड है और रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सुरक्षाकर्मी के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना आमानाका थाना क्षेत्र की टाटीबंध बस्ती में घटित हुई। तीन वर्षीय पीड़ित बच्ची अपने घर के पास ही पड़ोस में खेलने गई थी। खेलते-खेलते वह आरोपी परमानन्द ध्रुव के संपर्क में आ गई। इसी दौरान आरोपी ने बच्ची को एकांत में ले जाकर उसके साथ कथित रूप से यौन शोषण की वारदात को अंजाम दिया। मासूम बच्ची जब रोते हुए वापस अपने घर पहुंची, तो परिजनों ने उसकी हालत देखी और उसे शांत कराने का प्रयास किया। बच्ची के व्यवहार और शारीरिक स्थिति से परिजनों को गंभीर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने बच्ची से पूछताछ की। बच्ची द्वारा बताई गई बातों को सुनकर परिजनों के होश उड़ गए।

इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही बच्ची के परिजन तुरंत आमानाका थाना पहुंचे और आरोपी परमानन्द ध्रुव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी उनके पड़ोस में ही रहता है और बच्ची रोजाना की तरह पड़ोस में अन्य बच्चों के साथ खेलने गई थी, जहां आरोपी ने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लिया और तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

आमानाका थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी परमानन्द ध्रुव को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी परमानन्द ध्रुव रायपुर के प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल एम्स में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात है। एक सुरक्षाकर्मी, जिसका मूल कर्तव्य लोगों की रक्षा करना होता है, उसी पर एक तीन साल की मासूम बच्ची की सुरक्षा भंग करने और उसके साथ यौन शोषण करने का आरोप लगना समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक विषय है। पुलिस अब आरोपी की पूरी कुंडली खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उसका आपराधिक इतिहास रहा है या यह उसकी पहली हरकत है।

पीड़ित बच्ची को तत्काल चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। डॉक्टरों की टीम द्वारा बच्ची का मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है ताकि यौन शोषण की पुष्टि हो सके और साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने पोक्सो (POCSO) अधिनियम सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में पोक्सो कानून के तहत सख्त प्रावधान होते हैं और दोषी पाए जाने पर आरोपी को लंबी सजा का सामना करना पड़ सकता है।

टाटीबंध बस्ती में इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में दहशत और गुस्से का माहौल है। लोग अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घिनौनी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। पड़ोसियों का कहना है कि आरोपी अक्सर इलाके में दिखता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह ऐसा जघन्य कदम उठा सकता है।

रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले पर संज्ञान लिया है और आमानाका थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से की जाए। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को किसी प्रकार की कोई परेशानी या धमकी न मिले।

यह घटना एक बार फिर से छोटे बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां पड़ोसी, परिचित या विश्वसनीय पदों पर बैठे लोग ही अपराध में शामिल पाए जाते हैं। वर्तमान में आरोपी परमानन्द ध्रुव पुलिस हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस जल्द ही चालान न्यायालय में पेश करेगी ताकि आरोपी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई समयबद्ध तरीके से शुरू हो सके और पीड़ित मासूम को न्याय मिल सके।