कोरबा पुलिस का त्योहारी सीजन में बड़ा अभियान: 9 वारंटी और बदमाश गिरफ्तार, चेक बाउंस के 3 फरार आरोपी भी दबोचे गए

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक विशेष अभियान चलाया है। इस व्यापक और सघन अभियान के तहत कोरबा पुलिस ने कुल 9 वारंटियों और बदमाशों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इन गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो चेक बाउंस से जुड़े मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे और कानून के शिकंजे से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से आपराधिक तत्वों में हड़कंप मच गया है और आम जनता में सुरक्षा का भाव बढ़ा है।
त्योहारों का सीजन आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन इसी दौरान असामाजिक तत्वों और अपराधियों द्वारा कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की आशंका भी सबसे अधिक रहती है। इसी संभावित खतरे को देखते हुए कोरबा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जिले भर में एक विशेष अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सभी वारंटियों, फरार आरोपियों और संदिग्ध बदमाशों को पकड़ना था, जिनके खिलाफ न्यायालय द्वारा वारंट जारी किए जा चुके थे या जो विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित चल रहे थे। पुलिस टीमों ने रात-दिन मेहनत करके अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की और इन 9 आरोपियों को धर दबोचा।
इस विशेष अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि उन तीन आरोपियों की गिरफ्तारी रही, जो चेक बाउंस यानी परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) के तहत दर्ज मामलों में लंबे समय से फरार थे। चेक बाउंस के मामले आमतौर पर आर्थिक अपराधों की श्रेणी में आते हैं और इनमें आरोपी अक्सर न्यायालय में पेश होने से बचते हैं। जब ये आरोपी बार-बार समन और नोटिस के बावजूद न्यायालय के समक्ष हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है। कोरबा में पकड़े गए ये तीनों आरोपी काफी समय से अपने ठिकाने बदलकर या छिपकर पुलिस को चकमा दे रहे थे। हालांकि, त्योहारों से पहले चलाए गए इस विशेष अभियान में पुलिस ने इनकी सूचनाओं को संकलित करके इन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब इन तीनों आरोपियों को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चेक बाउंस के अलावा अन्य 6 वारंटी और बदमाश भी विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित थे। इनमें से कुछ के खिलाफ स्थानीय थानों में दर्ज मामलों में वारंट लंबित थे, तो कुछ ऐसे संदिग्ध व्यक्ति थे जो क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने की नीयत से घूम रहे थे। पुलिस ने गोपनीय सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के आधार पर इन सभी की पहचान करके इन्हें दबोच लिया। इन गिरफ्तारियों से जिले के कई हिस्सों में सक्रिय छोटे-मोटे अपराधियों को भी कड़ा संदेश गया है कि पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा।
कोरबा पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दीपावली, छठ पूजा और अन्य आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारी सीजन में बाजारों, मंदिरों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसी स्थिति में यदि कोई वांछित अपराधी या वारंटी खुलेआम घूम रहा हो, तो वह किसी भी तरह की अनहोनी को अंजाम दे सकता है। इसलिए पुलिस ने त्योहारों से पहले ही ऐसे तत्वों की धरपकड़ के लिए यह विशेष अभियान चलाया ताकि आम नागरिक निर्भय होकर अपनी खरीदारी और उत्सव मना सकें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि त्योहारों के पूरे सीजन तक इसे लगातार जारी रखा जाएगा। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित वारंटों की सूची तैयार करें और फरार चल रहे आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमों का गठन करें। इसके साथ ही रात्रि गश्त और चेकिंग अभियान को भी बढ़ा दिया गया है, ताकि बाहर से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर भी पैनी नजर रखी जा सके।
कोरबा पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पड़ोस में किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिलती है या कोई फरार आरोपी उनके क्षेत्र में छिपा होने का संदेह होता है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस और जनता के बेहतर समन्वय से ही त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू और सुरक्षित रखा जा सकता है। कोरबा पुलिस की इस सतर्कता और सक्रियता से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि जिले में आने वाले सभी त्योहार शांति, सौहार्द और सुरक्षा के माहौल में संपन्न हों।

