इंदौर होलकर स्टेडियम में भारत-वेस्टइंडीज टी20 मैच की पिच तैयार: BCCI क्यूरेटर ने मौसम के अनुसार बनाई सतह, पहली बार 200, 500 और 750 किलो के रोलर का हुआ इस्तेमाल

इंदौर। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के गृह मैदान होलकर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होने वाले भारत और वेस्टइंडीज के बीच प्रस्तावित टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच को लेकर सभी तैयारियां जोरों पर हैं। इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने होलकर स्टेडियम की पिच पर अपना खास फोकस रखा है। बीसीसीआई के विशेष क्यूरेटर ने स्वयं मैदान पर पहुंचकर पिच का विस्तृत निरीक्षण किया और इसे आगामी मैच के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने की जिम्मेदारी संभाली। जानकारी के अनुसार, इस बार पिच की तैयारी में स्थानीय मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सतह को तैयार किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ खेलने की स्थिति मिल सके।
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से शुरुआती तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। एमपीसीए ने अपने स्तर पर मैदान की देखभाल, घास की कटाई और बुनियादी तैयारियों को अंजाम दिया। इसके बाद बीसीसीआई द्वारा भेजे गए विशेष क्यूरेटर ने पिच का बारीकी से जायजा लिया। क्यूरेटर ने मौसम के मिजाज और इंदौर के वर्तमान वातावरण को समझते हुए पिच की सतह को उसी हिसाब से तैयार किया है। बीसीसीआई हमेशा यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले पिच की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो, और इसी कड़ी में होलकर स्टेडियम की पिच पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इस बार की पिच तैयारी प्रक्रिया में सबसे खास बात यह रही है कि आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, होलकर स्टेडियम में पहली बार 200 किलो, 500 किलो और 750 किलो वजन वाले भारी रोलर का इस्तेमाल किया गया है। ये रोलर पिच की सतह को समतल बनाने, उसे मजबूती प्रदान करने और बल्लेबाजों तथा गेंदबाजों दोनों के लिए एक संतुलित विकेट तैयार करने के उद्देश्य से लाए गए थे। अलग-अलग वजन के रोलर का उपयोग पिच की मिट्टी को सही घनत्व देने और उसकी सतह को अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच के अनुकूल बनाने के लिए किया जाता है। इन आधुनिक उपकरणों के प्रयोग से पिच की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
होलकर क्रिकेट स्टेडियम को देश के बेहतरीन क्रिकेट मैदानों में से एक माना जाता है। यहां की पिच ऐतिहासिक रूप से बल्लेबाजों के अनुकूल रही है और यहां कई हाई-स्कोरिंग मैच खेले जा चुके हैं। हालांकि, हर मैच से पहले पिच की तैयारी एक नई चुनौती होती है। बीसीसीआई के क्यूरेटर ने इस बार इंदौर के मौसम के पैटर्न का अध्ययन किया और उसके आधार पर ही पिच की घास, नमी और मिट्टी की परतों का निर्धारण किया। मौसम के हिसाब से तैयार की गई यह सतह मैच के दिन कैसा व्यवहार करेगी, इसे लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।
एमपीसीए के अधिकारियों और ग्राउंड स्टाफ ने बीसीसीआई के क्यूरेटर के साथ मिलकर काम किया। शुरुआती तैयारी में एमपीसीए की टीम ने पिच के आसपास के क्षेत्र, आउटफील्ड और ड्रेनेज सिस्टम की जांच की। इसके पश्चात जब बीसीसीआई का दल पहुंचा, तो मुख्य रूप से 22 गज की पिच पर काम शुरू हुआ। 200, 500 और 750 किलो के रोलर को चलाने का कार्य अत्यंत सावधानी से किया गया, क्योंकि पिच रोलिंग एक संवेदनशील प्रक्रिया है जिसमें थोड़ी सी भी चूक विकेट के स्वभाव को बदल सकती है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला यह टी20 मैच इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ा आयोजन है। दर्शकों में इस मैच को लेकर काफी उत्साह है। ऐसे में बीसीसीआई और एमपीसीए दोनों यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मैदान और पिच की स्थिति विश्व स्तरीय हो। आधुनिक उपकरणों का प्रयोग और बीसीसीआई क्यूरेटर की निगरानी में हुई तैयारी इस बात का संकेत है कि होलकर स्टेडियम एक बार फिर एक शानदार क्रिकेट मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पिच का अंतिम व्यवहार मैच के दिन के मौसम और टॉस के समय की स्थितियों पर भी निर्भर करेगा। हालांकि, वर्तमान में जो तैयारियां पूरी की गई हैं, उनके अनुसार बीसीसीआई के क्यूरेटर ने मौसम के हिसाब से एक संतुलित सतह तैयार करने का प्रयास किया है। 200, 500 और 750 किलो के रोलर का पहली बार इस्तेमाल इस बात को दर्शाता है कि तकनीकी रूप से पिच निर्माण में नवीनतम तरीकों को अपनाया जा रहा है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस टी20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट जगत की निगाहें टिकी हुई हैं और पिच की तैयारी ने इस रोमांच को और बढ़ा दिया है।

