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Sat, Oct 10, 2026Updated 9:05 AM IST
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मोतिहारी: स्कूल के बाहर आइसक्रीम खाकर 6 छात्र बीमार, होंठों में जलन और ब्लीडिंग की शिकायत; पुलिस ने विक्रेता को किया गिरफ्तार

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बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गायघाट हाईस्कूल के मुख्य गेट के पास आइसक्रीम खाने के बाद कम से कम छह छात्र अचानक बीमार पड़ गए। घटना के तुरंत बाद बच्चों ने अपने मुंह में तेज जलन होने और होंठों के आपस में चिपकने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की और संदिग्ध आइसक्रीम विक्रेता को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना छात्रों की सुरक्षा और स्कूलों के आसपास खुलेआम बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना हरसिद्धि थाना क्षेत्र के गायघाट हाईस्कूल के ठीक बाहर उस समय हुई, जब स्कूली बच्चे अपनी नियमित दिनचर्या के दौरान स्कूल के गेट के पास मौजूद थे। इसी दौरान वहां एक आइसक्रीम विक्रेता अपना ठेला या सामान लेकर पहुंचा था। स्कूल के बाहर आइसक्रीम विक्रेता को देखकर करीब छह छात्रों ने आइसक्रीम खरीदी और उसे खाना शुरू किया। हालांकि, आइसक्रीम खाते ही बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आइसक्रीम का सेवन करने के कुछ ही क्षणों बाद बच्चों ने अपने मुंह के अंदर असामान्य और तेज जलन महसूस की। इसके साथ ही उन्होंने शिकायत की कि उनके होंठ आपस में चिपक रहे हैं और उनमें ब्लीडिंग भी हो रही है। बच्चों की इस अचानक बिगड़ती हालत को देखकर वहां मौजूद अन्य छात्रों और लोगों में हड़कंप मच गया।

बच्चों द्वारा मुंह में जलन, होंठों के चिपकने और ब्लीडिंग जैसी जो शिकायतें सामने आई हैं, वे किसी सामान्य फूड प्वाइजनिंग से कहीं अधिक गंभीर और संदिग्ध प्रतीत होती हैं। आमतौर पर दूषित खाने से पेट दर्द या उल्टी जैसी समस्याएं होती हैं, लेकिन मुंह और होंठों पर इस तरह की तात्कालिक रासायनिक प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि आइसक्रीम में किसी प्रकार का हानिकारक रसायन, प्रतिबंधित कलर या अत्यधिक खतरनाक तत्व मिलाया गया हो सकता है। हालांकि, आइसक्रीम में वास्तव में क्या मिलावट थी, इसका सटीक पता जांच एजेंसियों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल, इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि विक्रेता ने जानबूझकर कोई रसायन मिलाया था या फिर आइसक्रीम बनाने की प्रक्रिया में किसी घातक तत्व का अनजाने में उपयोग हो गया था।

घटना की सूचना जैसे ही हरसिद्धि थाना पुलिस को मिली, पुलिस बल बिना किसी देरी के तुरंत गायघाट हाईस्कूल के गेट के पास पहुंच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले पीड़ित छात्रों की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस आइसक्रीम विक्रेता को पकड़ लिया, जिससे बच्चों ने आइसक्रीम खरीदी थी। विक्रेता को गिरफ्तार कर हरसिद्धि थाने ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह विक्रेता किस कंपनी या फैक्ट्री की आइसक्रीम बेच रहा था और उसके पास खाद्य पदार्थ बेचने का कोई वैध लाइसेंस था या नहीं।

स्कूल के गेट के ठीक बाहर इस तरह की घटना ने अभिभावकों और शिक्षकों दोनों को गहरी चिंता में डाल दिया है। स्कूलों के आसपास अक्सर कई अनधिकृत खाद्य विक्रेता बैठते हैं, जो बच्चों को सस्ते और आकर्षक रंगों वाले खाद्य पदार्थ बेचते हैं। इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच न तो स्कूल प्रशासन द्वारा की जाती है और न ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नियमित रूप से इन छोटे-मोटे विक्रेताओं तक पहुंच पाती है। ऐसे में बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ होने का खतरा हमेशा बना रहता है। गायघाट हाईस्कूल में हुई यह घटना इसी व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है।

वहीं, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण की भूमिका भी अब महत्वपूर्ण हो गई है। बीमार पड़े सभी छह छात्रों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उन्हें किस अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। डॉक्टरों द्वारा बच्चों के उपचार के बाद ही उनकी सटीक मेडिकल स्थिति का पता चल सकेगा। इसके अलावा, पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए विक्रेता के पास से बची हुई आइसक्रीम और उसके सैंपल को जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की संभावना है। फॉरेंसिक और खाद्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पुख्ता तौर पर कहा जा सकेगा कि बच्चों की बीमारी का मुख्य कारण क्या था।

हरसिद्धि थाना पुलिस द्वारा विक्रेता की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। भारतीय दंड संहिता और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विक्रेता के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है। यदि जांच में यह साबित होता है कि आइसक्रीम में जानबूझकर कोई जहरीला या हानिकारक पदार्थ मिलाया गया था, तो आरोपी के खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मोतिहारी जिला प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे जिले में, विशेषकर स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास, खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं की सघन जांच का अभियान चलाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के साथ ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना दोबारा न हो सके। फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट्स के आधार पर की जाएगी।