टीकमगढ़: युवा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त का फोटो जलाकर किया प्रदर्शन, वोट चोरी के विरोध में इस्तीफे की मांग और पीएम के खिलाफ नारेबाजी

टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में शुक्रवार शाम को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का फोटो जलाया और उनसे तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। यह पूरा प्रदर्शन कथित रूप से हुई वोट चोरी के विरोध में आयोजित किया गया था। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, टीकमगढ़ में शुक्रवार शाम का माहौल उस समय राजनीतिक रूप से गर्मा गया, जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और कथित वोट चोरी को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकारों का हनन हो रहा है और निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहा है। इसी गुस्से और आक्रोश के चलते कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला या फोटो जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। फोटो जलाए जाने के दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर तेज नारेबाजी की, जिससे आसपास के क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे चुनावी प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में चुनाव सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और यदि इसमें ही वोट चोरी जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो आम मतदाता का लोकतांत्रिक व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सीधे तौर पर सवाल खड़े किए और कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, इसलिए उन्हें बिना किसी देरी के अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस विरोध प्रदर्शन में केवल चुनाव आयुक्त के खिलाफ ही नारेबाजी नहीं हुई, बल्कि कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ भी तीखे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के इशारे पर ही निर्वाचन आयोग काम कर रहा है और विपक्षी दलों के मतों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता खतरे में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब तक निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित नहीं किए जाते, तब तक कांग्रेस पार्टी और उसके सभी संगठन सड़कों पर उतरकर संघर्ष करते रहेंगे।
टीकमगढ़ में हुए इस प्रदर्शन ने जिले के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। शुक्रवार शाम को हुए इस कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां भी ले रखी थीं, जिन पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न नारे लिखे हुए थे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का फोटो जलाए जाने की घटना ने इस आंदोलन को और भी तीखा बना दिया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन की तरफ से क्या कार्रवाई की गई या फिर मौके पर सुरक्षा बलों की कितनी तैनाती थी। प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। युवा कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी संगठनों का मानना है कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में बदलाव की आवश्यकता है ताकि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और स्वतंत्र हो सकें। टीकमगढ़ का यह प्रदर्शन इसी बड़े राजनीतिक विरोध का एक हिस्सा बताया जा रहा है। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा इस्तीफा नहीं दिया गया, तो भविष्य में ऐसे विरोध प्रदर्शनों को और अधिक तेज किया जाएगा।
वंदे भारत न्यूज़ इस खबर की पुष्टि करता है कि यह रिपोर्ट उपलब्ध स्रोत सामग्री पर आधारित है। प्रदर्शन के दौरान की गई टिप्पणियों और आरोपों को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। निर्वाचन आयोग या मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक रुख सामने नहीं आया है। टीकमगढ़ में शुक्रवार शाम को हुए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इसके और व्यापक असर देखे जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

