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Sat, Oct 10, 2026Updated 9:05 AM IST
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सीतामढ़ी: झाड़-फूंक के नाम पर तीन परिवारों से ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, गांव लौटने पर ग्रामीणों ने दबोचा

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सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में झाड़-फूंक और काले जादू के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कथित तौर पर घर पर काला साया होने का भय दिखाकर तीन परिवारों से नकदी, सोना और कपड़े ठग लिए गए थे। वर्ष 2025 में इस ठगी का शिकार हुए पीड़ित परिवारों के सामने शुक्रवार को दोनों कथित आरोपी दोबारा गांव पहुंच गए, जिसके बाद सतर्क ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना बोखरा पटनुक्का गांव से जुड़ी बताई जा रही है, जहां ग्रामीणों ने खुद मुस्तैदी दिखाते हुए ठगों को दबोचने में अहम भूमिका निभाई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कथित आरोपियों ने पहले पीड़ित परिवारों के घरों में काला साया या किसी प्रकार की अनिष्ट बाधा होने का डर दिखाया था। इसके बाद उन्होंने इन परेशानियों को दूर करने के नाम पर झाड़-फूंक का सहारा लिया। लोगों के मन में भय बैठाकर उन्होंने उनसे नकदी, सोने के आभूषण और कपड़े तक ठग लिए। ठगी की यह वारदात वर्ष 2025 में हुई थी, जिसमें तीन अलग-अलग परिवारों को अपना निशाना बनाया गया था। ठगी का शिकार होने के बाद जब पीड़ित परिवारों को इस बात का एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।

हालांकि, शुक्रवार को स्थिति तब बदल गई जब दोनों कथित आरोपी उसी गांव में दोबारा पहुंच गए। ऐसा माना जा रहा है कि वे शायद अन्य लोगों को अपने झांसे में लेने या किसी अन्य उद्देश्य से गांव लौटे थे। लेकिन वर्ष 2025 में ठगी के शिकार हुए परिवारों ने उन्हें पहचान लिया। जैसे ही पीड़ितों ने आरोपियों को देखा, उन्होंने शोर मचा दिया और आसपास के ग्रामीणों को बुला लिया। ग्रामीणों ने बिना देरी किए दोनों संदिग्धों को घेर लिया और उन्हें भागने का कोई मौका नहीं दिया।

ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने के बाद इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की भीड़ से दोनों आरोपियों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने प्राथमिक पूछताछ के बाद दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन आरोपियों ने अन्य इलाकों में भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।

झाड़-फूंक और काले जादू के नाम पर ठगी के ऐसे मामले बिहार के ग्रामीण इलाकों में समय-समय पर सामने आते रहते हैं। कई बार लोग अंधविश्वास या किसी अनहोनी के डर से इस तरह के कथित बाबाओं या ठगों के चक्कर में पड़ जाते हैं। ये ठग लोगों की भावनात्मक कमजोरी और डर का फायदा उठाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट लेते हैं। सीतामढ़ी के इस मामले में भी ठगों ने लोगों के मन में काले साये का भय पैदा करके उन्हें अपना शिकार बनाया।

इस घटना में ग्रामीणों की सतर्कता और एकजुटता ने ठगों को बचने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा। यदि पीड़ित परिवार और गांव के अन्य लोग समय रहते सतर्क नहीं होते, तो दोनों आरोपी एक बार फिर फरार होने में कामयाब हो सकते थे। पुलिस प्रशासन की ओर से भी आम जनता से अपील की जाती रही है कि वे झाड़-फूंक और अंधविश्वास से बचें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी संपत्ति या नकदी न दें।

फिलहाल, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ठगी का शिकार हुए तीनों परिवारों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी गई नकदी और सोने के आभूषणों में से कुछ बरामद किया जा सकता है या नहीं। यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग देखी जा रही है।