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Mon, Oct 12, 2026Updated 2:10 PM IST
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पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा जी में टेका माथा, कड़ाह प्रसाद चढ़ाकर सरबत के भले की अरदास में शामिल हुए

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तरनतारन। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) कुलतार सिंह संधवान ने शुक्रवार को तरनतारन जिले में स्थित प्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा जी साहिब में पहुंचकर नतमस्तक हुए और श्रद्धापूर्वक माथा टेका। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में कड़ाह प्रसाद की देग करवाई, गुरुबाणी का मनोहर शबद कीर्तन श्रवण किया और समस्त पंजाब तथा दुनिया भर की मानवता की सुख-समृद्धि व सरबत के भले की अरदास में भागीदारी की। स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने इस अवसर पर कहा कि माझा की इस पावन धरती में जन्म लेना उनके लिए एक बड़ा सौभाग्य है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान शुक्रवार को तरनतारन जिले के दौरे पर थे। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने सबसे पहले गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा जी साहिब में पहुंचकर मत्था टेका। यह गुरुद्वारा सिख इतिहास और धार्मिक आस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में संगत नतमस्तक होने के लिए आती है। स्पीकर के आगमन पर गुरुद्वारा प्रबंधकों और स्थानीय संगत द्वारा उनका स्वागत किया गया।

गुरुद्वारा साहिब में पहुंचने के बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने सर्वप्रथम गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष श्रद्धापूर्वक माथा टेका। इसके पश्चात उन्होंने गुरु घर में कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाई। सिख परंपरा में कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाना अत्यंत पुण्य का कार्य माना जाता है, जिसे गुरु का लंगर और प्रसाद के रूप में सभी संगत में बिना किसी भेदभाव के बांटा जाता है। स्पीकर द्वारा चढ़ाई गई इस देग का प्रसाद गुरुद्वारे में मौजूद सभी श्रद्धालुओं और संगत को वितरित किया गया।

इस धार्मिक आयोजन के दौरान गुरुद्वारा साहिब में रागी जत्थों द्वारा गुरुबाणी का मनोहर शबद कीर्तन किया गया। स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने शांत वातावरण में बैठकर गुरुबाणी के इस शबद कीर्तन को श्रवण किया। गुरुबाणी की इन पवित्र धुनों ने पूरे गुरुद्वारा परिसर को एक आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण से भर दिया। शबद कीर्तन के दौरान संगत भी पूरी श्रद्धा के साथ गुरुबाणी में लीन दिखाई दी।

शबद कीर्तन के उपरांत गुरुद्वारा साहिब में अरदास का आयोजन किया गया। इस अरदास में स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने भी पूर्ण श्रद्धा के साथ भाग लिया। अरदास के दौरान समस्त पंजाब राज्य और दुनिया भर की मानवता की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की गई। सिख धर्म की मूल शिक्षाओं के अनुरूप ‘सरबत के भले’ की यह अरदास पूरी मानवता के कल्याण और विश्व शांति की भावना का प्रतीक है। अरदास के बाद हल्वा और प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने माझा क्षेत्र के प्रति अपनी गहरी आस्था और लगाव व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माझा की इस धरती में जन्म लेना उनके लिए एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। माझा क्षेत्र पंजाब का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध हिस्सा माना जाता है, जिसकी गिनती सिख धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होती है। तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर जैसे जिले इसी माझा क्षेत्र का अभिन्न अंग हैं। स्पीकर के इस बयान से उनकी इस ऐतिहासिक धरती के प्रति गहरी श्रद्धा और जुड़ाव स्पष्ट रूप से झलकता है।

गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा जी साहिब का सिख इतिहास में अपना एक विशिष्ट और गौरवशाली स्थान है। बाबा बुड्ढा जी सिख धर्म के प्रारंभिक काल की एक अत्यंत सम्मानित और पूजनीय शख्सियत थे, जिन्होंने पहले से लेकर पांचवें सिख गुरु तक के दर्शन किए थे और उन्हें सेवा का अवसर प्राप्त हुआ था। सिख इतिहास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाता है। इस गुरुद्वारे का नाम उन्हीं महान शख्सियत के नाम पर रखा गया है, जो इसे और भी अधिक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व प्रदान करता है।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवान का यह दौरा और गुरुद्वारा साहिब में उनकी उपस्थिति तरनतारन जिले के लोगों और स्थानीय संगत के लिए एक विशेष महत्व रखती है। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनकी व्यस्त दिनचर्या के बीच धार्मिक स्थलों पर जाकर श्रद्धा अर्पित करना और सरबत के भले की अरदास में शामिल होना उनकी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक जड़ों से गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। यह कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय संगत और गुरुद्वारा प्रबंधन के सदस्यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।

पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक जीवन में धार्मिक स्थलों का हमेशा से एक केंद्रीय महत्व रहा है। प्रदेश के जनप्रतिनिधि और उच्च पदों पर आसीन व्यक्ति अक्सर ऐतिहासिक गुरुद्वारों में जाकर माथा टेकते हैं और जनता के कल्याण की कामना करते हैं। स्पीकर कुलतार सिंह संधवान का गुरुद्वारा बीर बाबा बुड्ढा जी साहिब में मत्था टेकना, कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाना और शबद कीर्तन श्रवण करना इसी दीर्घकालिक परंपरा का एक हिस्सा है। उनके इस दौरे से माझा क्षेत्र की संगत में उत्साह का माहौल देखा गया।