चित्रकूट: पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10 भैंस-पड़वा से भरी पिकअप जब्त; फतेहपुर के दो युवक गिरफ्तार, 7.50 लाख का माल बरामद

चित्रकूट। वंदे भारत न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के चित्रकूट जिले में पुलिस ने पशु क्रूरता और अवैध परिवहन के मामले में एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। चित्रकूट पुलिस ने गोवंश और अन्य पशुओं की तस्करी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसते हुए 10 भैंस और पड़वा (भैंस के बच्चे) से भरी एक पिकअप गाड़ी को जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपियों के कब्जे से लगभग 7.50 लाख रुपये मूल्य का सामान भी जब्त किया गया है। यह पूरी कार्रवाई पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चित्रकूट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से पशुओं को भरकर ले जाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन को रोककर जब उसकी तलाशी ली, तो उसमें 10 भैंस और पड़वा ठूंस-ठूंस कर भरे हुए मिले। पशुओं को जिस प्रकार से वाहन में लादा गया था, वह पशु क्रूरता का स्पष्ट उदाहरण था। वाहन में पशुओं को खड़े होने या बैठने तक की पर्याप्त जगह नहीं दी गई थी, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन पशुओं को अवैध रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले ले जाया जा रहा था। वाहन में सवार दोनों युवक फतेहपुर के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से ही हिरासत में ले लिया और उनके खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है ताकि इस तस्करी के पीछे काम कर रहे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पशुओं से भरी पिकअप गाड़ी के साथ ही आरोपियों के पास से कुल 7.50 लाख रुपये मूल्य का सामान भी जब्त किया है। जब्त किए गए सामान में पिकअप वाहन और पशु शामिल हैं। पुलिस द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में पशु तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। चित्रकूट पुलिस की यह कार्रवाई पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
पशुओं को अवैध रूप से एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाना कानूनन अपराध है। इसके लिए उचित अनुमति और पशु चिकित्सा प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होता है। इस मामले में आरोपियों के पास किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए हैं। पशुओं को बिना किसी उचित व्यवस्था के वाहन में ठूंसकर ले जाया जा रहा था, जो पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। पुलिस ने पशु क्रूरता के मामले में कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया है।
जब्त किए गए सभी 10 भैंस और पड़वा को सुरक्षित रूप से वाहन से उतारा गया है। पशुओं की वर्तमान स्थिति को देखते हुए उनकी उचित देखभाल और चारे-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा नियमानुसार इन पशुओं को संबंधित विभाग या गौशाला को सौंपने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि उन्हें उचित आश्रय मिल सके। वहीं, जब्त की गई पिकअप गाड़ी को थाने में खड़ा करवा दिया गया है और इसे साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
चित्रकूट जिला मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण यहां अक्सर पशु तस्कर सक्रिय रहते हैं और वे सीमावर्ती क्षेत्रों का उपयोग कर एक राज्य से दूसरे राज्य में पशुओं की अवैध तस्करी करने का प्रयास करते रहते हैं। ऐसे में चित्रकूट पुलिस के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। पुलिस द्वारा समय-समय पर नाकाबंदी और चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं, जिसके तहत इस बार यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पशु तस्करी केवल पशुओं के साथ क्रूरता का मामला नहीं है, बल्कि यह एक संगठित अपराध भी है जिसमें कई लोगों की संलिप्तता होती है। गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है कि ये पशु उन्हें कहां से मिले, किसने उपलब्ध कराए और फतेहपुर में इन्हें किसे सौंपा जाना था। यदि पूछताछ में किसी और व्यक्ति या बड़े गिरोह का नाम सामने आता है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में पशुओं की अवैध तस्करी या परिवहन की कोई भी सूचना मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को अवगत कराएं, ताकि समय रहते ऐसे अपराधों को रोका जा सके।

