इंदौर: भाजपा कार्यकर्ता से मारपीट और अभद्र व्यवहार पर हंगामा, विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों ने देर रात एरोड्रम थाने का किया घेराव; टीआई समेत 7 पुलिसकर्मी निलंबित

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर में पुलिस और आम नागरिकों के बीच तनाव का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंदौर के विधानसभा क्षेत्र-3 में एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता और एक आम नागरिक के साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना ने देर रात तूल पकड़ लिया। इस घटना से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों ने बड़ी संख्या में एरोड्रम थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एरोड्रम थाने के प्रभारी निरीक्षक (टीआई) सहित कुल सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब एरोड्रम थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक भाजपा कार्यकर्ता और एक अन्य आम नागरिक के साथ मारपीट की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दोनों व्यक्तियों के साथ केवल शारीरिक बल का प्रयोग ही नहीं किया, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई की सूचना जैसे ही स्थानीय स्तर पर फैली, भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी रोष व्याप्त हो गया। लोगों ने पुलिस के इस रवैये को पूरी तरह अस्वीकार्य और मनमाना करार देते हुए इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही इंदौर विधानसभा क्षेत्र-3 से विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता देर रात एरोड्रम थाने पहुंच गए। थाने के बाहर और भीतर सैकड़ों की तादाद में जुटे लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखे नारे लगाए और हंगामा शुरू कर दिया। समर्थकों की मांग थी कि जिन पुलिसकर्मियों ने भाजपा कार्यकर्ता और आम नागरिक के साथ मारपीट की है और अभद्रता दिखाई है, उनके खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए। देर रात थाने में जुटी भीड़ को देखते हुए वहां का माहौल अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया।
विधायक गोलू शुक्ला के समर्थकों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपना स्पष्ट पक्ष रखा। उनका कहना था कि पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन यदि पुलिसकर्मी ही आम जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ इस प्रकार का हिंसक और अभद्र व्यवहार करेंगे, तो जनता अपनी शिकायत लेकर कहां जाएगी। समर्थकों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे तथा बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान थाने में मौजूद अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने और उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
देर रात एरोड्रम थाने में हुए इस हंगामे और भाजपा कार्यकर्ताओं के तीखे विरोध के बाद पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। स्थिति को नियंत्रित करने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग को स्वीकार करते हुए विभाग ने बड़ा कदम उठाया। इंदौर पुलिस ने इस मामले में एरोड्रम थाने के थाना प्रभारी (टीआई) सहित कुल सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा आम जनता या किसी भी व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बता दें कि इंदौर शहर में पुलिस और आम जनता के बीच इस तरह के टकराव के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन देर रात किसी विधायक के समर्थकों द्वारा सीधे थाने का घेराव करना और उसके बाद एक साथ सात पुलिसकर्मियों के निलंबित होने की घटना ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। विधानसभा क्षेत्र-3 के भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा कि पुलिस को अपने व्यवहार में सुधार लाना होगा।
हालांकि, जिस भाजपा कार्यकर्ता और आम नागरिक के साथ मारपीट की गई है, उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी तक कोई विस्तृत और आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुलिस ने उन दोनों व्यक्तियों को किस आधार पर हिरासत में लिया था या किस संदर्भ में यह मारपीट हुई। इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से घटना के सटीक कारणों और प्राथमिकी दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने इंदौर में कानून व्यवस्था और पुलिस के कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां भाजपा कार्यकर्ता और विधायक गोलू शुक्ला के समर्थक पुलिस की बर्बरता के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ सात पुलिसकर्मियों के निलंबन ने विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल, एरोड्रम थाना क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन और स्थानीय नेताओं के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। आने वाले समय में इस मामले में और क्या खुलासे होते हैं या कोई अन्य कार्रवाई होती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। वंदे भारत न्यूज इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नई आधिकारिक जानकारी प्राप्त होगी, उसे तुरंत अपडेट किया जाएगा।

