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Sat, Oct 10, 2026Updated 12:49 PM IST
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रीवा: नशीली कफ सिरप तस्करी मामले में 5 हजार का इनामी आरोपी प्रताप लोनिया गिरफ्तार, कबाड़ी मोहल्ले से पुलिस ने किया दबोचा

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रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नशीली कफ सिरप की अवैध तस्करी और बिक्री से जुड़े एक बड़े मामले में कोतवाली पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रताप लोनिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई शहर के कबाड़ी मोहल्ला क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे मामले में अब तक चार बदमाशों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीवा कोतवाली पुलिस ने नशीली कफ सिरप की तस्करी और इसके अवैध कारोबार के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में कई आरोपियों की संलिप्तता सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, इस गिरोह का एक प्रमुख आरोपी प्रताप लोनिया पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा उसके ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

इनाम घोषित होने के बाद से ही कोतवाली पुलिस की टीम लगातार प्रताप लोनिया की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली कि फरार आरोपी प्रताप लोनिया शहर के कबाड़ी मोहल्ला क्षेत्र में छिपा हुआ है और अपनी लोकेशन बदल-बदल कर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा है। इस अहम सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने कबाड़ी मोहल्ला क्षेत्र में पहुंचकर सघन घेराबंदी की योजना बनाई ताकि आरोपी किसी भी हालत में भागने में कामयाब न हो सके।

पुलिस की इस रणनीतिक घेराबंदी के दौरान आरोपी प्रताप लोनिया को पहचान लिया गया। जैसे ही उसे पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ, वह भागने की फिराक में था, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तारी दर्ज कर ली है। कोतवाली पुलिस की इस सफलता से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त अन्य तत्वों में भी खौफ पैदा होने की संभावना है।

यह मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके सेवन को रोकने के लिए देश का सबसे कड़ा कानून माना जाता है। नशीली कफ सिरप में कोडीन जैसे प्रतिबंधित तत्व पाए जाते हैं, जिसके कारण इसकी बिक्री और खरीद पूरी तरह से नियंत्रित होती है। युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों में इस कफ सिरप के नशे के रूप में सेवन का चलन बढ़ता जा रहा है, जिसे देखते हुए रीवा पुलिस ने पिछले कुछ समय से ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर रखा है।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। प्रताप लोनिया की गिरफ्तारी के बाद जेल जाने वालों की संख्या में इजाफा होगा। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस गिरोह का एक सदस्य अभी भी फरार है। फरार चल रहे इस पांचवें आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

रीवा पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों, खासकर नशीली कफ सिरप की अवैध बिक्री या तस्करी की कोई सूचना मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस या कोतवाली थाने को इसकी जानकारी दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रताप लोनिया की गिरफ्तारी को रीवा पुलिस की नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।