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Sat, Oct 10, 2026Updated 4:38 PM IST
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मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को लेकर सियासी घमासान, उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना; जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव, शिवराज और RSS को बताया खलनायक

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भोपाल। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ओबीसी आरक्षण को लेकर मोहन यादव सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश की वर्तमान सरकार ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं देना चाहती है। वहीं, भोपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखी टिप्पणी की है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की नहीं है। उन्होंने मोहन यादव सरकार को ओबीसी आरक्षण के मामले में हो रही देरी और अनिश्चितता के लिए जिम्मेदार ठहराया। सिंघार का कहना है कि ओबीसी वर्ग लंबे समय से 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर यह स्थिति बनाए रखना चाहती है जिसमें आरक्षण 14 प्रतिशत पर ही अटका रहे और इसे 27 प्रतिशत तक न बढ़ने दिया जाए।

उमंग सिंघार ने अपने बयान में यह भी रेखांकित किया कि ओबीसी समाज के साथ यह अन्याय है कि उन्हें उनके जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब से नई सरकार सत्ता में आई है, तब से ओबीसी आरक्षण का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि आखिर किस आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के लोगों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

इसके अलावा, भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने भी ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर अपनी राय रखी और सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा। जीतू पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) खलनायक की भूमिका में हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि ये सभी ताकतें मिलकर ओबीसी वर्ग के अधिकारों को कुचलने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी ओबीसी आरक्षण को लेकर कई वादे किए गए थे, लेकिन वे वादे हकीकत में नहीं बदल सके। अब मोहन यादव सरकार भी उसी रास्ते पर चल रही है।

जीतू पटवारी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा ओबीसी वर्ग के उत्थान के खिलाफ है और यही कारण है कि भाजपा शासित राज्यों में ओबीसी आरक्षण को लेकर हमेशा अड़चनें पैदा की जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ओबीसी वर्ग के हितों की रक्षा करती रही है और आगे भी करती रहेगी। पटवारी ने कहा कि जब तक ओबीसी समाज खुद एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई नहीं लड़ेगा, तब तक सरकारें उन्हें उनका हक देने से बचती रहेंगी।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग की जनसंख्या काफी अधिक है और राजनीतिक रूप से यह वर्ग बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ओबीसी आरक्षण का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। पहले भी ओबीसी संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग उठाई जाती रही है। हालांकि, विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कारणों से यह आरक्षण पूरी तरह से लागू नहीं हो सका है। वर्तमान में प्रदेश में ओबीसी वर्ग को जो आरक्षण प्राप्त है, वह 27 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

विपक्ष के इन आरोपों पर अभी तक मोहन यादव सरकार या भाजपा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओबीसी आरक्षण का यह मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में और गर्मा सकता है। विपक्ष इसे जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहा है, ताकि सरकार पर ओबीसी विरोधी होने का आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज अब और इंतजार करने के मूड में नहीं है। वहीं, जीतू पटवारी ने भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे ओबीसी वर्ग के बीच जाकर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर छिड़ी यह सियासी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। उमंग सिंघार और जीतू पटवारी जैसे वरिष्ठ नेताओं के बयानों ने साफ कर दिया है कि विपक्ष इस मुद्दे को आसानी से छोड़ने वाला नहीं है और सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखेगा।