कोरबा में 398 लीटर अवैध शराब पर चला बुलडोजर: 71 मामलों में जब्त की गई थी शराब, पर्यावरण मंडल से ली अनुमति

वन्दे भारत न्यूज़। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस प्रशासन ने अवैध शराब के विरुद्ध एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। कोरबा पुलिस ने विभिन्न मामलों में जब्त की गई कुल 398 लीटर अवैध शराब को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर के स्पष्ट आदेशों के तहत गठित एक विशेष समिति की मौजूदगी और निगरानी में संपन्न हुई। पुलिस विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम को अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नष्ट की गई यह भारी मात्रा में अवैध शराब किसी एक मामले की नहीं थी, बल्कि इसे जिले भर में दर्ज किए गए कुल 71 अलग-अलग मामलों में जब्त किया गया था। इन सभी मामलों में पुलिस ने पूर्व में छापेमारी और नियमित जांच के दौरान अवैध रूप से रखी या बेची जा रही शराब को अपने कब्जे में लिया था। कानूनी प्रक्रियाओं और संबंधित मामलों की सुनवाई की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद, अब इन सभी मामलों की जब्त शराब को एक साथ नष्ट करने का निर्णय लिया गया। 71 मामलों की शराब को एकत्रित करने पर यह मात्रा 398 लीटर तक पहुंच गई, जिसे आज बुलडोजर की मदद से मिट्टी में मिलाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि शराब को नष्ट करने से पहले सभी जरूरी कानूनी और पर्यावरणीय औपचारिकताओं का पूर्ण रूप से पालन किया गया। अवैध शराब को नष्ट करने के लिए कोरबा पुलिस प्रशासन ने राज्य पर्यावरण मंडल से विशेष अनुमति प्राप्त की थी। शराब में मौजूद रसायनों और हानिकारक तत्वों को देखते हुए उसे सीधे खुले में फेंकना या बहाना पर्यावरण के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए पर्यावरण मंडल के दिशानिर्देशों और मानकों का पालन करते हुए ही इस शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया अपनाई गई। पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा गया।
जिला कलेक्टर के आदेश पर इस कार्रवाई के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था। इस समिति की उपस्थिति में ही शराब को नष्ट किया गया ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। सरकारी अधिकारियों और पुलिस प्रतिनिधियों वाली इस समिति ने यह सुनिश्चित किया कि जब्त की गई शराब का कोई भी हिस्सा किसी गलत हाथ में न जाए और वह पूरी तरह से नष्ट हो जाए। समिति की मौजूदगी से प्रशासनिक कार्यवाही की वैधता और विश्वसनीयता को और अधिक मजबूती मिली है।
कोरबा जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में समय-समय पर छापेमारी की जाती है और अवैध शराब बनाने, बेचने या भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। इन 71 मामलों में दर्ज की गई प्राथमिकियां इसी निरंतर अभियान का हिस्सा हैं। पुलिस का मानना है कि अवैध शराब केवल कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज और जन स्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर खतरा है। इसलिए इसके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
398 लीटर शराब को एक साथ नष्ट करना पुलिस प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत अवैध कारोबारियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। बुलडोजर के माध्यम से शराब की बोतलों और पैकेटों को तोड़कर उन्हें जमीन में दफनाया गया, ताकि उनका दोबारा किसी भी रूप में उपयोग असंभव हो सके। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और अनधिकृत व्यक्तियों को कार्रवाई स्थल से दूर रखा गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई शराब को नष्ट करने की यह प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रहती है। जब अदालती कार्यवाही में जब्त शराब को नष्ट करने की अनुमति मिल जाती है और सभी विभागीय स्वीकृतियां प्राप्त हो जाती हैं, तब इस प्रकार की कार्रवाई की जाती है। पर्यावरण मंडल की अनुमति लेना इस प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसका कोरबा पुलिस ने पूरी निष्ठा से पालन किया है।
कोरबा पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में खलबली मचने की संभावना है। पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की सूचना पुलिस को दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। 71 मामलों में की गई यह सामूहिक कार्रवाई साबित करती है कि कोरबा पुलिस अवैध शराब के खिलाफ अपनी मुहिम को तेजी से आगे बढ़ा रही है और भविष्य में भी ऐसे ही सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।

