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Sat, Oct 10, 2026Updated 6:33 PM IST
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देवास: बिंजाना के पास ट्रेन की चपेट में आने से 50 वर्षीय मजदूर की मौत, जेब में मिली चिट्ठी से हुई शव की शिनाख्त

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देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक दर्दनाक रेल हादसे की घटना सामने आई है। देवास के बिंजाना क्षेत्र के समीप ट्रेन की चपेट में आने से एक 50 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई है। मृतक की पहचान सीताराम के रूप में हुई है। शनिवार को जब स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास शव पड़ा देखा तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू की।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक सीताराम बीते 9 अक्टूबर यानी शुक्रवार की रात से ही लापता थे। उनके परिजन और जानकार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इस बीच शनिवार को बिंजाना के पास रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़ा होने की खबर आई। जीआरपी पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर शव की जांच की तो मृतक की जेब से एक चिट्ठी बरामद हुई। इस चिट्ठी पर लिखे गए फोन नंबर की मदद से पुलिस ने संपर्क किया और इसके बाद ही मृतक की पहचान सीताराम के रूप में हो सकी। यह चिट्ठी पहचान का एकमात्र जरिया बनी, जिसने पुलिस की मुश्किलों को काफी हद तक आसान कर दिया।

सीताराम पेशे से एक मजदूर थे और उनकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है। वे 9 अक्टूबर की रात से अपने घर या कार्यस्थल से गायब हो गए थे। रात भर उनकी खोजबीन होती रही, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली थी। अगले दिन शनिवार को बिंजाना इलाके में रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिलने से यह स्पष्ट हो गया कि किसी समय ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, यह हादसा ठीक किस समय हुआ और सीताराम रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंचे, इस बारे में अभी पूरी तरह से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

घटना की सूचना मिलने के बाद जीआरपी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। जेब में मिली चिट्ठी के आधार पर जब पुलिस ने उसमें दर्ज नंबर पर कॉल किया, तो दूसरी तरफ से जो जानकारी मिली, उसने मृतक की पहचान सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद मृतक के परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी गई। परिवार वालों को जब इस बात का पता चला कि 9 अक्टूबर की रात से लापता सीताराम अब इस दुनिया में नहीं रहे, तो उनके घर में मातम पसर गया।

रेलवे ट्रैक पर होने वाले ऐसे हादसों को लेकर हमेशा से चिंता जताई जाती रही है। कई बार पैदल चलने वाले लोग, खासकर मजदूर वर्ग के लोग, छोटे रास्तों के लिए रेलवे ट्रैक का उपयोग करते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित होता है। अंधेरे में या ट्रेन की आवाज न सुनाई देने की स्थिति में ऐसे हादसे अधिक होते हैं। बिंजाना के पास हुई यह घटना भी इसी तरह की परिस्थितियों की ओर संकेत करती है, हालांकि पुलिस द्वारा की जा रही विस्तृत जांच के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।

जीआरपी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों और समय का और अधिक स्पष्ट पता चल सकेगा। इसके साथ ही, क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इस दिशा में भी पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया चल रही है।

देवास जिले में रेलवे ट्रैक पर होने वाली ऐसी घटनाएं आम जनजीवन को झकझोर कर रख देती हैं। 50 वर्षीय मजदूर सीताराम की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का सहारा छिन जाने से उनके आश्रितों के सामने अब जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन और रेलवे पुलिस की ओर से इस घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और नियमानुसार आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके। बिंजाना क्षेत्र में इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भी शोक और चिंता का माहौल व्याप्त है।