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Mon, Oct 12, 2026Updated 3:59 PM IST
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अमृतसर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध हथियार और नशीले पदार्थों के दो नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार, M-16 राइफल सहित 9 पिस्तौल और 15 किलो अफीम बरामद

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अमृतसर। पंजाब के अमृतसर जिले में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर रूरल पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अपनी इस ताजा कार्रवाई में अवैध हथियार और नशीले पदार्थ तस्करी से जुड़े दो अलग-अलग नेटवर्क का पूरी तरह से भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में विदेशी हथियार और नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामान में एक एम-16 राइफल, नौ पिस्तौल और करीब 15 किलोग्राम अफीम शामिल है। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्र होने के नाते अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था और नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाती है।

अमृतसर रूरल पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की खेप लेकर आ रहे हैं और इन्हें आगे तस्करी के जरिए खपाने की योजना बनाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और दो अलग-अलग नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पुलिस की इस सटीक और समयबद्ध कार्रवाई के चलते चार संदिग्धों को मौके से ही दबोच लिया गया।

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के पास से जो सामान बरामद हुआ है, वह बेहद चौंकाने वाला है। पुलिस ने बताया कि इनके कब्जे से एक एम-16 राइफल मिली है। एम-16 एक अत्यंत घातक और विदेशी निर्मित स्वचालित हथियार है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सैन्य कार्रवाइयों में किया जाता है। इसके अलावा आरोपियों के पास से नौ पिस्तौल भी बरामद की गई हैं। इतनी बड़ी संख्या में विदेशी और अवैध हथियारों का एक साथ बरामद होना यह स्पष्ट करता है कि ये तस्कर किसी बड़ी साजिश या संगठित अपराध को अंजाम देने की फिराक में थे। हथियारों के अलावा, पुलिस ने इनके पास से लगभग 15 किलोग्राम अफीम भी जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस अफीम की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के दो अलग-अलग नेटवर्क से जुड़े हुए थे। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन दोनों नेटवर्क के बीच कोई आपसी संबंध है या ये पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे। एम-16 राइफल और अन्य पिस्तौलों का अवैध रूप से देश में प्रवेश कैसे हुआ, यह जांच का एक अहम हिस्सा है। पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा को देखते हुए, पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या ये हथियार और नशीले पदार्थ ड्रोन के जरिए या सीमा पार से तस्करी करके लाए गए थे।

अमृतसर रूरल पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इन पर आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) और एनडीपीएस (नशीले दवाओं और मनःप्रभावी पदार्थों) अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि इस तस्करी के पूरे रैकेट का खुलासा किया जा सके। पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों और अफीम की खेप को किसे और कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही, इस धंधे में शामिल अन्य संभावित सदस्यों और सरगनाओं तक पहुंचने के लिए भी छापेमारी तेज कर दी गई है।

पंजाब में नशा तस्करी और अवैध हथियारों की समस्या एक गंभीर चुनौती रही है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने इससे निपटने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई हुई है। अमृतसर, जो कि एक सीमावर्ती जिला है, हमेशा से तस्करों के निशाने पर रहता है। ऐसे में अमृतसर रूरल पुलिस की यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 15 किलो अफीम की बरामदगी से समाज में फैलने वाले नशे के खतरे को रोका जा सका है, वहीं एम-16 राइफल और नौ पिस्तौल जैसे घातक हथियारों की जब्ती से किसी बड़ी वारदात या अपराध को होने से पहले ही रोक दिया गया है।

पुलिस विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार की अवैध हथियारों की तस्करी या नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। अमृतसर रूरल पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।