Sun, 11 Oct 202611:15 AM
Sun, Oct 11, 2026Updated 11:15 AM IST
होम › मध्य प्रदेश

शिवपुरी: विहिप-बजरंग दल ने बाइक जुलूस निकालकर तहसील कार्यालय पर सौंपा ज्ञापन, कब्रिस्तान हटाने और नवरात्र सुरक्षा की मांग

WhatsAppFacebookX

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को एक व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बैराड़ में बाइक जुलूस निकालकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया और इसके बाद तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने कई अहम मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

विहिप और बजरंग दल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन प्रमुख मांगें शामिल हैं। पहली मांग हनुमान मंदिर के सामने कब्रिस्तान के लिए आवंटित की गई जमीन के दोबारा निरीक्षण और उसके आवंटन को रद्द करने से संबंधित है। दूसरी मांग आगामी नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की है, जबकि तीसरी मांग नवरात्रि के दिनों में क्षेत्र में मीट-मांस की बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाने को लेकर है।

कार्यक्रम की शुरुआत बैराड़ क्षेत्र से हुई, जहां विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए। सभी कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने वाहनों पर सवार होकर एक विशाल बाइक जुलूस निकाला। यह जुलूस बैराड़ के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जिसके बाद सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी सीधे तहसील कार्यालय पहुंचे। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अपनी मांगों को गंभीरता से लेने और उन पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। बाइक जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं की संख्या और उनके उत्साह ने स्थानीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।

तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद विहिप और बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को अपना ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सबसे पहले हनुमान मंदिर के समक्ष कब्रिस्तान के लिए दी गई जमीन का मुद्दा उठाया गया। संगठनों का कहना है कि हनुमान मंदिर जैसे पूजनीय स्थल के ठीक सामने कब्रिस्तान का आवंटन उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस आवंटित जमीन का एक बार फिर से भौतिक निरीक्षण कराया जाए। संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि निरीक्षण में कोई अनियमितता या अनुचित आवंटन पाया जाता है, तो इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। यह मुद्दा स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण विहिप और बजरंग दल ने इसे प्राथमिकता के साथ ज्ञापन में शामिल किया है।

ज्ञापन में दूसरी प्रमुख मांग नवरात्रि के त्योहार को लेकर की गई है। नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार माना जाता है, जिसमें नौ दिनों तक माता दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में विहिप और बजरंग दल ने प्रशासन से मांग की है कि नवरात्रि के दौरान मंदिरों, पूजा स्थलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया जाए। संगठनों ने यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि श्रद्धालु बिना किसी भय या बाधा के पूजा-अर्चना कर सकें। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।

तीसरी और अहम मांग नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान क्षेत्र में मीट-मांस की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने को लेकर है। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि नवरात्रि के व्रत और पूजा के दिनों में शाकाहार का विशेष महत्व होता है। ऐसे समय में सार्वजनिक रूप से मीट-मांस की बिक्री से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। इसलिए संगठनों ने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि नवरात्रि के दौरान मांस विक्रेताओं की दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए जाएं और इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

बैराड़ में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की कार्रवाई में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से इन मांगों पर सकारात्मक और त्वरित कदम उठाने की अपील की। संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी इन मांगों को लेकर सतर्क हैं और यदि प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे।

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद तहसील कार्यालय की ओर से संगठनों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी ठोस कार्रवाई या निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह देखना होगा कि कब्रिस्तान की जमीन के निरीक्षण, नवरात्रि की सुरक्षा और मीट-मांस की बिक्री पर रोक को लेकर आने वाले दिनों में प्रशासन क्या रुख अपनाता है। शिवपुरी जिले के बैराड़ क्षेत्र में विहिप और बजरंग दल की इस सक्रियता से स्थानीय प्रशासन के सामने इन धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को सुलझाने की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है।