देवास: नवरात्रि में 5 घंटे की बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान, यूथ कांग्रेस ने बिजली कंपनी कार्यालय के गेट पर दिया धरना; ताला लगाने की चेतावनी

देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर शनिवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान भी रोजाना चार से पांच घंटे तक बिजली गुल रहने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भोपाल रोड स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय पर पहुंचकर मुख्य गेट पर धरना दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कटौती की समस्या का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो वे बिजली कंपनी के कार्यालय पर ताला लगा देंगे।
शनिवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आसपास के गांवों से आए ग्रामीण शामिल हुए। सभी प्रदर्शनकारी भोपाल रोड पर स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और वहीं गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्रामीण अंचलों में पिछले कई दिनों से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गई है। हर दिन नियमित रूप से चार से पांच घंटे तक बिजली काटी जा रही है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विशेषकर नवरात्रि के त्योहारी सीजन में जब घरों में पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं, ऐसे में लंबे समय तक बिजली न आने से ग्रामीणों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि बिजली कटौती का सबसे अधिक असर किसानों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। खेतों में सिंचाई के लिए लगे मोटर पंप बिजली न होने के कारण नहीं चल पा रहे हैं, जिससे फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, घरों में पानी भरने के लिए लगी मोटरें भी बेकार पड़ी हैं, जिससे पेयजल की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है। महिलाओं और बुजुर्गों को पानी के लिए दूर तक जाना पड़ रहा है या फिर अंधेरे में ही घरेलू काम निपटाने पड़ रहे हैं। नवरात्रि के उपवास रखने वाले लोगों को भी बिजली न होने से खाना बनाने और अन्य व्यवस्थाओं में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। शनिवार को किए गए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कंपनी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि बिजली कटौती का सिलसिला तुरंत रोका जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया और ग्रामीणों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं कराई गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले कदम के तौर पर वे बिजली कंपनी के कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ देंगे, ताकि प्रशासन को जनता की समस्याओं की गंभीरता का अहसास हो सके।
भोपाल रोड पर स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय के गेट पर धरना दिए जाने के कारण कुछ समय के लिए वहां हंगामे का माहौल बना रहा। ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल देखी गई। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया, लेकिन कार्यकर्ताओं के तेवर काफी सख्त थे। उन्होंने साफ कर दिया कि नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के दौरान भी लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
देवास जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली की कटौती कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन त्योहारी सीजन में इसमें हुई बढ़ोतरी ने लोगों का सब्र जवाब दे दिया है। गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से लोगों को रात के समय भी सोने में परेशानी हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि शाम को बिजली न होने से वे ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का कामकाज भी ठप हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
यूथ कांग्रेस ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए कहा है कि वे ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और उनकी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि बिजली कंपनी तत्काल प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का शेड्यूल समाप्त करे और चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे। यदि तकनीकी खराबी या मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है, तो उसकी पूर्व सूचना ग्रामीणों को दी जाए, ताकि वे अपनी व्यवस्थाएं पहले से कर सकें।
शनिवार को हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर देवास जिले में बिजली संकट की गंभीरता को उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि यूथ कांग्रेस और ग्रामीणों के इस आक्रामक रुख के बाद बिजली कंपनी का प्रबंधन और जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो कार्यालय पर ताला लगाने की चेतावनी के बाद आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिससे स्थानीय प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

