Sun, 11 Oct 202611:28 AM
Sun, Oct 11, 2026Updated 11:28 AM IST
होम › मध्य प्रदेश

सीहोर कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का मामला: कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने किया निरीक्षण, 15 दिन में सुधार नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

WhatsAppFacebookX

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कृषि उपज मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं और किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन और मंडी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता पंकज शर्मा ने स्वयं कृषि उपज मंडी का विस्तृत निरीक्षण कर वहां की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडी में फैली अव्यवस्थाओं, सुरक्षा गार्डों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पंकज शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर मंडी की व्यवस्थाओं में वांछित सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा ने मंडी परिसर का दौरा करने के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि कृषि उपज मंडी में किसानों और व्यापारियों दोनों को ही कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहा है। सुरक्षा गार्डों की संख्या आवश्यकता से काफी कम है, जिसके कारण मंडी परिसर में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना मुश्किल हो गया है। रात के समय मंडी में रुकने वाले किसानों और उनके ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मंडी प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की बजाय इस महत्वपूर्ण पहलू को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जो कि किसानों के हितों के साथ सीधा खिलवाड़ है।

निरीक्षण के दौरान कांग्रेस नेता ने मंडी की अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने पाया कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त साफ-सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था और बैठने के लिए उचित शेड जैसी प्राथमिक सुविधाएं भी दुरुस्त नहीं हैं। फसल लेकर दूर-दराज के गांवों से आने वाले किसानों को मंडी में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। अव्यवस्थाओं के कारण उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंकज शर्मा ने कहा कि कृषि उपज मंडी किसानों की आर्थिक रीढ़ होती है और यहां की व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने मंडी प्रबंधन और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अधिकारी इन समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हर मुद्दे पर उनके साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं को लेकर हमेशा आवाज उठाती रही है। शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मंडी का यह निरीक्षण किसी राजनीतिक स्टंट के तौर पर नहीं, बल्कि किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और उन्हें प्रशासन के संज्ञान में लाने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उनका एक विस्तृत ज्ञापन तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा ताकि वे तत्काल कार्रवाई कर सकें।

पंकज शर्मा ने अपने संबोधन में आगे कहा कि कांग्रेस ने प्रशासन को सुधार के लिए 15 दिन का समय दिया है। यह समय इसलिए दिया गया है ताकि मंडी प्रबंधन बिना किसी दबाव के आवश्यक कदम उठा सके और सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति सहित अन्य सभी अधूरी व्यवस्थाओं को पूरा किया जा सके। लेकिन उन्होंने यह भी कड़ा संदेश दिया कि यदि 15 दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की दशा में कोई सुधार नहीं होता है, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। ऐसे में पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और मंडी प्रबंधन की होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेंगे और जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

गौरतलब है कि सीहोर कृषि उपज मंडी क्षेत्र के किसानों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर आते हैं। मंडी में अव्यवस्थाओं का सीधा असर किसानों की आय और उनके मनोबल पर पड़ता है। सुरक्षा गार्डों की कमी के कारण चोरी और अन्य अपराधों की आशंका भी बनी रहती है, जिससे किसानों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। कांग्रेस की इस चेतावनी के बाद अब देखना यह होगा कि मंडी प्रबंधन और जिला प्रशासन इन गंभीर मुद्दों पर क्या ठोस कदम उठाता है। क्या 15 दिन के भीतर मंडी की तस्वीर बदल पाएगी या कांग्रेस को अपना आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, पंकज शर्मा के इस निरीक्षण और चेतावनी ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं और किसानों की समस्याओं को एक बार फिर प्रमुखता से उजागर कर दिया है।