सिवनी: गोवंश वध मामले में तीन साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, केवलारी पुलिस ने तामील कराए तीन स्थाई वारंट

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की केवलारी पुलिस ने शनिवार दोपहर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ न्यायालय द्वारा कुल तीन स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, जिन्हें पुलिस ने सफलतापूर्वक तामील करा दिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक ऐसा व्यक्ति भी शामिल है, जो मध्य प्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में पिछले करीब तीन सालों से कानून के चंगुल से बचकर फरार चल रहा था। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने में केवलारी पुलिस की टीम ने पूरी मुस्तैदी दिखाई और लंबे समय से वांछित चल रहे आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) के मार्गदर्शन और नेतृत्व में अंजाम दी गई। केवलारी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर को पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए उन आरोपियों की तलाश शुरू की, जिनके खिलाफ न्यायालय से स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर या अपनी तकनीकी जांच के आधार पर सूचना मिली कि वांछित आरोपी क्षेत्र में मौजूद हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय द्वारा कुल तीन स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, जिन्हें पुलिस ने विधिवत रूप से तामील करा दिया है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे ध्यान खींचने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक व्यक्ति मध्य प्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के एक मामले में संलिप्त था। इस आरोपी के खिलाफ करीब तीन वर्ष पूर्व मामला दर्ज किया गया था, लेकिन वह तभी से फरार चल रहा था। पुलिस की ओर से लगातार उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन वह अपना ठिकाना बदल-बदलकर कानूनी कार्रवाई से बचता आ रहा था। तीन साल की लंबी अवधि तक फरार रहने के बाद आखिरकार केवलारी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष प्रस्तुत करने का रास्ता साफ कर दिया है।
मध्य प्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम राज्य सरकार का एक अत्यंत संवेदनशील और सख्त कानून है। इस अधिनियम के तहत गाय और उसके वंश (गोवंश) के वध, परिवहन, विक्रय और भंडारण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इस कानून के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान हैं। ऐसे में जब कोई आरोपी इस गंभीर धारा के मामले में दर्ज होने के बाद फरार हो जाता है, तो पुलिस के लिए उसे गिरफ्तार करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। केवलारी पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए एसडीओपी के नेतृत्व में योजनाबद्ध तरीके से काम किया और तीन साल से फरार चल रहे इस आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी से समाज में कानून का राज स्थापित करने और अपराधियों में पुलिस का खौफ बनाए रखने का संदेश जाता है। एसडीओपी के निर्देशन में केवलारी थाना पुलिस ने यह साबित किया है कि चाहे आरोपी कितने भी समय से फरार क्यों न हो, पुलिस की पैनी नजर से बचना आसान नहीं है। शनिवार दोपहर की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और फरार आरोपियों को पकड़ने की उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उनके खिलाफ जारी तीनों स्थाई गिरफ्तारी वारंट की तामीली के बाद अब उन्हें संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। न्यायालय ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगा और आरोपियों को न्यायिक रिमांड या अन्य प्रक्रियाओं के लिए भेजा जाएगा। गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के मामले में तीन साल से फरार रहे आरोपी के खिलाफ न्यायालय में पहले से ही सुनवाई लंबित थी, जिसमें अब उसकी उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।
केवलारी पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई को जिले के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आम तौर पर जिलों में फरार आरोपियों और स्थाई वारंटियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में एसडीओपी के नेतृत्व में केवलारी पुलिस ने शनिवार को यह सफलता हासिल की है। पुलिस विभाग की ओर से अभी तक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, उनके नाम या उनके ठिकानों के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की गई है। हालांकि, इतना स्पष्ट है कि यह कार्रवाई गोवंश वध जैसे संवेदनशील मामले और अन्य अपराधों में फरार चल रहे वांछितों के खिलाफ की गई है।
यह घटनाक्रम सिवनी जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। तीन साल से फरार आरोपी की गिरफ्तारी से यह संदेश भी गया है कि पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज कोई भी मामला या कोई भी फरार आरोपी अनदेखा नहीं किया जाता है। केवलारी पुलिस की टीम ने शनिवार दोपहर को जिस तरह से नियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए तीन स्थाई वारंट तामील कराए, वह पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है। आगामी दिनों में भी जिले भर में फरार आरोपियों के खिलाफ ऐसे ही अभियान जारी रहने की उम्मीद है, ताकि सभी वांछित अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।

