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Sun, Oct 11, 2026Updated 11:28 AM IST
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बड़वानी: नवरात्रि में गरबा पंडालों की सुरक्षा को लेकर संगठन ने थाना प्रभारी को सौंपा आवेदन, पहचान पत्र और सीसीटीवी लगाने की मांग

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बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में नवरात्रि पर्व के दौरान आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में महिलाओं तथा युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर एक स्थानीय संगठन ने पुलिस प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से शनिवार शाम पांच बजे थाना प्रभारी को एक विस्तृत आवेदन पत्र सौंपा गया है। इस पत्र में विशेष रूप से खुले मैदानों में लगने वाले गरबा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने, प्रवेश के समय पहचान पत्र अनिवार्य करने और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया गया है। संगठन का कहना है कि नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाले इन धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भारी संख्या में महिलाएं और युवतियां शामिल होती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

संगठन द्वारा थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ओपन गरबा पंडालों में प्रवेश देने से पहले आने वाले हर व्यक्ति का पहचान पत्र (आईडी कार्ड) चेक किया जाए। इसके पीछे संगठन का तर्क यह है कि बिना किसी पहचान के अज्ञात व्यक्तियों के पंडाल में प्रवेश करने से असामाजिक तत्वों को घुसपैठ का मौका मिल सकता है। पहचान पत्र की जांच से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कार्यक्रम में केवल स्थानीय और विश्वसनीय लोग ही शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही, संगठन ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई है कि कई बार ऐसे आयोजनों में कुछ लोग शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करके पहुंच जाते हैं, जिससे महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ या किसी अप्रिय घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए आवेदन में मांग की गई है कि शराब या नशीले पदार्थ का सेवन करके आने वालों की पहचान कर उन्हें पंडाल में प्रवेश करने से सख्ती से रोका जाए और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाए।

आवेदन पत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की स्थापना पर भी विशेष बल दिया गया है। संगठन ने सुझाव दिया है कि गरबा पंडालों के मुख्य प्रवेश द्वारों, निकास द्वारों और भीड़भाड़ वाले सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। इन कैमरों की निगरानी के लिए एक समर्पित टीम का गठन किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत ध्यान दिया जा सके। सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में यदि कोई घटना होती है तो आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिल सके। संगठन का मानना है कि तकनीकी निगरानी से न केवल अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा, बल्कि महिलाओं और युवतियों को भी सुरक्षित वातावरण में गरबा खेलने का आत्मविश्वास मिलेगा।

इसके अलावा, संगठन ने पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि नवरात्रि के दौरान रात के समय गरबा पंडालों के आसपास और उन मार्गों पर जहां से महिलाएं और युवतियां अपने घरों को लौटती हैं, पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए। पंडालों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हमेशा तत्पर रहे। संगठन ने थाना प्रभारी से आग्रह किया है कि वे इन सभी सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करें और आयोजकों के साथ बैठक कर उन्हें भी सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए निर्देशित करें।

बड़वानी जिले में नवरात्रि का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह गरबा और डांडिया के आयोजन होते हैं, जिनमें हजारों की संख्या में लोग भाग लेते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा हर साल चर्चा में रहता है। संगठन ने अपने आवेदन में यह भी रेखांकित किया है कि महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और नवरात्रि शुरू होने से पहले ही सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लें।

शनिवार शाम पांच बजे थाना प्रभारी को यह आवेदन सौंपे जाने के बाद अब पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर पूरे जिले की नजर टिकी हुई है। स्थानीय नागरिकों और आयोजकों का भी मानना है कि यदि पुलिस प्रशासन और आयोजक मिलकर इन सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हैं, तो नवरात्रि का पर्व शांतिपूर्वक और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सकेगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी आयोजन में बाधा डालना नहीं है, बल्कि महिलाओं और युवतियों को एक भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है, जहां वे बिना किसी चिंता के अपनी आस्था और संस्कृति का पर्व मना सकें। पुलिस प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वे इस आवेदन पर संज्ञान लेते हुए गरबा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेंगे।