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Sun, Oct 11, 2026Updated 9:19 AM IST
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महासमुंद: प्रभारी प्राचार्य पर 9वीं की छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, स्टाफ को छुट्टी देकर ऑफिस में बुलाया; मां ने लगाए थप्पड़

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य पर कक्षा नौवीं में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप लगा है। आरोपों के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य ने स्कूल के अन्य शिक्षकों और स्टाफ को छुट्टी देकर वापस भेज दिया था, जिसके बाद उसने छात्रा को अपने कार्यालय में बुलाया और उसके साथ अभद्रता की। इस घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा की मां स्कूल पहुंचीं और उन्होंने आरोपी शिक्षक को थप्पड़ जड़ दिए। यह पूरा मामला महासमुंद जिले का है, जहां शिक्षा के मंदिर में ही छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महासमुंद जिले के एक शासकीय विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य के पद पर कार्यरत शिक्षक पर यह गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रभारी प्राचार्य ने योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम देने का प्रयास किया। उसने पहले स्कूल में मौजूद अन्य शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों को किसी बहाने से छुट्टी दे दी। जब स्कूल में अन्य स्टाफ नहीं रहा, तो उसने कक्षा नौवीं की एक छात्रा को अपने कार्यालय में बुलाया। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य ने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और छेड़छाड़ की। छात्रा ने किसी तरह खुद को बचाया और इस पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी।

जब छात्रा ने घर पहुंचकर अपनी मां को आपबीती सुनाई, तो मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी के साथ हुई इस घिनौनी हरकत से आक्रोशित मां तुरंत स्कूल पहुंचीं। आरोप है कि स्कूल पहुंचकर मां ने सीधे आरोपी प्रभारी प्राचार्य का सामना किया और उसे थप्पड़ जड़ दिए। मां का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने शिक्षक को सबक सिखाने की कोशिश की। इस दौरान स्कूल परिसर में हंगामा हो गया। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी मिली, तो वे भी स्कूल पहुंच गए और मामले ने तूल पकड़ लिया।

इस घटना के बाद छात्रा की मां और परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित पक्ष ने आरोपी प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। छात्रा की मां ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि प्रभारी प्राचार्य ने जानबूझकर स्टाफ को छुट्टी दी ताकि वह उनकी बेटी के साथ अश्लील हरकत कर सके। यह घटना न केवल छात्रा के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली है, बल्कि यह पूरे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूलों में बच्चियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

महासमुंद जिले में सरकारी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य द्वारा छात्रा के साथ की गई इस कथित छेड़छाड़ की घटना से पूरे क्षेत्र में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस मामले में पुलिस प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूलों में ही बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो उन्हें पढ़ने के लिए कहां भेजा जाए। शिक्षक जो रक्षक होता है, यदि वही भक्षक बन जाए, तो इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है।

वहीं, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है और कक्षा नौवीं की छात्रा है, इसलिए इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है और पुलिस जांच जारी है।

यह पहला मौका नहीं है जब राज्य के किसी सरकारी स्कूल में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर इस तरह का मामला सामने आया हो। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि स्कूलों में नियुक्त कर्मचारियों और शिक्षकों की निगरानी और उनके आचरण की समीक्षा समय-समय पर की जानी चाहिए। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और शिकायत निवारण समितियों को सक्रिय रखने की आवश्यकता पर भी अब फिर से बल दिया जा रहा है।

‘वंदे भारत न्यूज़’ की ओर से इस मामले में सभी पक्षों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, पुलिस जांच का दायरा बढ़ाया गया है और आरोपी प्रभारी प्राचार्य के पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है। पीड़ित छात्रा का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। यह मामला महासमुंद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग आरोपी शिक्षक के खिलाफ कठोरतम दंड की मांग कर रहे हैं।