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Sun, Oct 11, 2026Updated 10:26 AM IST
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प्रतापपुर में IPS अधिकारी के पिता से दो लाख रुपये की उठाईगिरी: नट गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार, बैंक से निकाली गई थी रकम

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी के पिता से हुई उठाईगिरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर आईपीएस अधिकारी के पिता से बैंक से निकाले गए दो लाख रुपये की उठाईगिरी करने का आरोप है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस वारदात को कुख्यात नट गिरोह के सदस्यों ने अंजाम दिया था। गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से पुलिस आगे की पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनकी पिछली आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना प्रतापपुर क्षेत्र में स्थित एक बैंक के बाहर घटी। आईपीएस अधिकारी के पिता किसी जरूरी काम के सिलसिले में बैंक पहुंचे थे। उन्होंने बैंक से दो लाख रुपये की नकद राशि निकलवाई थी। जैसे ही वह रकम लेकर बैंक से बाहर आए, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने अपनी चालाकी का इस्तेमाल करते हुए उनका ध्यान भटकाया। उठाईगिरी की इस सुनियोजित वारदात में बदमाशों ने बड़ी तेजी से दो लाख रुपये पर हाथ साफ कर दिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित को जब इस बात का अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो चुकी है, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना प्रतापपुर थाना पुलिस को दी।

मामला एक आईपीएस अधिकारी के परिजन से जुड़ा होने के कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सरगुजा पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रतापपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सबसे पहले बैंक और उसके आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को दो संदिग्ध युवकों की गतिविधियां कैमरे में कैद होती दिखीं। इन फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने और उनकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी। तकनीकी सुराग और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने जल्द ही दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए दोनों आरोपी शातिर अपराधी हैं और वे कुख्यात नट गिरोह से जुड़े हुए हैं। नट गिरोह देशभर में इस तरह की उठाईगिरी, जेबकतरी और ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए जाने जाते हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, बस स्टैंडों और बैंकों के बाहर सक्रिय रहता है। ये लोग अपने निशाने पर उन लोगों को लेते हैं जो भारी मात्रा में नकदी लेकर चल रहे होते हैं। इसके बाद ये अपनी विशेष कलाबाजी और बातों में उलझाने की कला का इस्तेमाल करके पलक झपकते ही पैसों से भरे बैग या लिफाफे की अदला-बदली कर देते हैं या सीधे उठाकर भाग निकलते हैं। प्रतापपुर में भी इन्होंने ठीक इसी तर्ज पर आईपीएस अधिकारी के पिता को अपना शिकार बनाया।

उठाईगिरी की ऐसी वारदातें अक्सर बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से की जाती हैं। इसमें गिरोह के कई सदस्य मिलकर काम करते हैं। कोई सदस्य रेकी करता है, कोई पीड़ित को बातों में उलझाकर उसका ध्यान भटकाता है, तो कोई असल वारदात को अंजाम देकर रकम लेकर फरार हो जाता है। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात में भी गिरोह के और सदस्य शामिल हो सकते हैं, इसलिए गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने सरगुजा जिले या छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की कोई अन्य वारदात को अंजाम दिया है।

इस सफल कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों और बैंक से भारी नकदी निकालने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि बैंक से बड़ी रकम निकालते समय हमेशा अपने साथ किसी विश्वसनीय व्यक्ति को रखना चाहिए। बैंक के बाहर या सार्वजनिक स्थानों पर यदि कोई अनजान व्यक्ति अत्यधिक मित्रतापूर्ण व्यवहार करे या किसी बहाने बातचीत करने की कोशिश करे, तो उससे सावधान रहना चाहिए। ऐसे मामलों में अपना सामान और नकदी हमेशा अपनी नजरों के सामने और सुरक्षित दायरे में रखना बेहद जरूरी है।

प्रतापपुर पुलिस द्वारा आईपीएस अधिकारी के पिता से हुई उठाईगिरी के मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों की गिरफ्तारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नट गिरोह का पर्दाफाश करना पुलिस की सक्रियता का प्रमाण है। फिलहाल, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लूटी गई दो लाख रुपये की राशि में से कितनी रकम बरामद की जा सकती है। इस मामले में आगे की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं।