बक्सर: धनसोई थाना क्षेत्र में बिजली कंपनी की बड़ी कार्रवाई, मोहरिहां और दुल्फा गांव में छापेमारी कर तीन लोगों पर दर्ज हुई FIR, 27,607 रुपये का जुर्माना वसूला

बक्सर। बिहार के बक्सर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत कंपनी ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। धनसोई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में बिजली कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान मोहरिहां और दुल्फा गांव में अवैध रूप से बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। कंपनी की टीम ने जांच के दौरान पाया कि कुछ लोग बिना मीटर या मीटर को बाइपास करके अवैध तरीके से बिजली की चोरी कर रहे थे। इस मामले में तीन व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। साथ ही, इन तीनों आरोपियों पर कुल 27,607 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह कार्रवाई बिजली चोरी रोकने और राजस्व हानि को कम करने के उद्देश्य से की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली कंपनी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि धनसोई थाना क्षेत्र के मोहरिहां और दुल्फा गांव में कई उपभोक्ताओं द्वारा अवैध तरीके से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। इन शिकायतों के आधार पर कंपनी ने एक विशेष दल का गठन किया और दोनों गांवों में अचानक छापेमारी की योजना बनाई। जब कंपनी की टीम मौके पर पहुंची तो जांच के दौरान कई घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली चोरी की पुष्टि हुई। टीम ने तकनीकी जांच करते हुए पाया कि कुछ स्थानों पर बिजली के तार सीधे मुख्य लाइन से जोड़कर बिना मीटर के खींचे गए थे, जबकि कुछ जगहों पर मीटर में छेड़छाड़ करके कम यूनिट दिखाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस छापेमारी अभियान के दौरान बिजली कंपनी के अधिकारियों ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को बिजली चोरी का दोषी पाया। इन तीनों व्यक्त्यों के खिलाफ धनसोई थाने में भारतीय विद्युत अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। इसके अलावा, कंपनी ने तीनों दोषियों पर कुल 27,607 रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की यह राशि चोरी की गई बिजली की अनुमानित खपत और संबंधित नियमों के आधार पर निर्धारित की गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उनके कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
बिजली चोरी राज्य में विद्युत वितरण कंपनियों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अवैध रूप से बिजली खींचने से न केवल कंपनियों को भारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि इससे ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड होने और ग्रिड फेल होने का खतरा भी बना रहता है। बक्सर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर गर्मी और सर्दियों के मौसम में बिजली चोरी के मामले बढ़ जाते हैं, जिससे वैध कनेक्शन धारकों को भी लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बिजली कंपनी द्वारा की गई यह छापेमारी अन्य बिजली चोरों के लिए एक सख्त संदेश है।
धनसोई थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी चर्चा का माहौल है। मोहरिहां और दुल्फा गांव के निवासियों का कहना है कि बिजली चोरी से पूरे गांव की बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है। जिन लोगों ने अवैध कनेक्शन ले रखे थे, उनके कारण ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त भार पड़ता था, जिससे बार-बार फ्यूज उड़ने की समस्या आती थी। अब कंपनी की इस सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि गांवों में बिजली की आपूर्ति बेहतर होगी और वैध उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारियों ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोहरिहां और दुल्फा गांव में की गई छापेमारी केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में धनसोई थाना क्षेत्र सहित बक्सर जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे। कंपनी ने आम जनता से अपील की है कि वे बिजली चोरी जैसे गैर-कानूनी कार्यों से बचें और वैध तरीके से बिजली कनेक्शन प्राप्त करें। यदि किसी को बिजली चोरी की जानकारी हो, तो वे कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दे सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत बिजली चोरी एक गंभीर अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाता है, बल्कि कारावास का भी प्रावधान है। बक्सर में 27,607 रुपये का जुर्माना और तीन लोगों पर FIR दर्ज होना यह दर्शाता है कि प्रशासन और बिजली कंपनी अब इस मुद्दे पर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। कंपनी का लक्ष्य बिजली चोरी को पूरी तरह से खत्म करना और वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना है, ताकि हर वैध उपभोक्ता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

