अररिया में 11 और 12 अक्टूबर को 6 घंटे रहेगी बिजली गुल: 132 केवी ग्रिड में रखरखाव कार्य के कारण बांसवाड़ी फीडर के उपभोक्ताओं को होगी परेशानी

बिहार के अररिया जिले में बिजली विभाग द्वारा 132 केवी ग्रिड में आवश्यक तकनीकी कार्य किए जाने के कारण दो दिनों तक भारी कटौती की तैयारी है। वंदे भारत न्यूज़ को प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 और 12 अक्टूबर को अररिया आरएस बिजली घर से जुड़े बांसवाड़ी फीडर के अंतर्गत आने वाले सभी उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। इन दोनों दिनों में सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक लगातार छह घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद रहेगी। इस दौरान क्षेत्र के लोगों को अपनी दिनचर्या और जरूरी कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर लेने की सलाह दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पावर कट किसी तकनीकी खराबी या अचानक आई समस्या के कारण नहीं किया जा रहा है, बल्कि 132 केवी ग्रिड में नियोजित और बेहद जरूरी रखरखाव तथा मरम्मत का कार्य किया जाना है। बिजली के उच्च क्षमता वाले ट्रांसमिशन नेटवर्क में समय-समय पर ऐसे तकनीकी कार्य अनिवार्य होते हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की बड़ी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या दुर्घटना से बचा जा सके। चूंकि यह कार्य सीधे तौर पर हाई वोल्टेज लाइन और ग्रिड स्टेशन से जुड़ा है, इसलिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करते हुए काम करने के लिए पूरी लाइन को बंद करना तकनीकी रूप से आवश्यक होता है। यही कारण है कि विभाग ने सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक का समय निर्धारित किया है, क्योंकि इस अवधि में दिन का उजाला रहता है और तकनीकी टीमों को अपना काम सुरक्षित तरीके से पूरा करने में सुविधा होती है।
बांसवाड़ी फीडर अररिया आरएस बिजली घर से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण फीडर है, जिससे आसपास के कई इलाकों, गांवों और कस्बों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। जब इस फीडर की सप्लाई बंद की जाएगी, तो इसके दायरे में आने वाले सभी घरेलू, वाणिज्यिक और अन्य उपभोक्ताओं की बिजली कट जाएगी। खासकर सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे का समय वह होता है जब लोग अपने दैनिक कार्यों, रसोई के काम, पानी की मोटर चलाने और अन्य घरेलू जरूरतों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में छह घंटे की इस लंबी कटौती से आम जनजीवन पर निश्चित रूप से असर पड़ना स्वाभाविक है। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कटौती केवल दो दिनों के लिए है और काम पूरा होते ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
बिजली विभाग की ओर से यह भी ध्यान दिलाया गया है कि 132 केवी ग्रिड में होने वाला यह काम अत्यंत संवेदनशील और जोखिम भरा होता है। इसलिए, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ही बिजली बंद की जा रही है। यदि बिना बिजली बंद किए यह काम किया जाता, तो तकनीकी कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। साथ ही, ग्रिड में कोई बड़ी खराबी आने पर पूरे जिले या उससे भी बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति लंबे समय तक ठप हो सकती थी। इसलिए पूर्व नियोजित तरीके से सीमित समय के लिए बिजली बंद करके यह काम निपटाया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली मिल सके।
स्थानीय स्तर पर इस सूचना के बाद उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे 11 और 12 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से पहले ही अपने जरूरी काम निपटा लें। पानी की टंकियां भर लें, मोबाइल फोन, इन्वर्टर और अन्य बैटरी संचालित उपकरणों को पूरी तरह चार्ज कर लें। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी अपनी दुकानों में वैकल्पिक रोशनी या जनरेटर की व्यवस्था पहले से कर लेनी चाहिए, ताकि उनके व्यापारिक कार्यों में ज्यादा नुकसान न हो। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों जैसे अत्यावश्यक सेवाओं वाले स्थानों पर भी बैकअप पावर की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
गौरतलब है कि बिहार में बिजली विभाग द्वारा ग्रिड और सब-स्टेशनों के नियमित रखरखाव के लिए समय-समय पर ऐसी कटौती की घोषणा की जाती है। यह प्रक्रिया पूरे राज्य में लागू मानक संचालन प्रक्रिया का हिस्सा है। अररिया जिले में भी त्योहारों और बदलते मौसम के बीच बिजली की मांग बढ़ने की संभावना रहती है, ऐसे में ग्रिड को दुरुस्त रखना विभाग की प्राथमिकता है।
वंदे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ताओं को इस पावर कट से जुड़ी किसी भी अतिरिक्त जानकारी, शिकायत या अपडेट के लिए बिजली विभाग के स्थानीय कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि 132 केवी ग्रिड में निर्धारित तकनीकी कार्य पूरा होते ही 12 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे के बाद बांसवाड़ी फीडर की बिजली आपूर्ति को तुरंत बहाल कर दिया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को आगे कोई परेशानी न हो।

