Sun, 11 Oct 202612:24 PM
Sun, Oct 11, 2026Updated 12:24 PM IST
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सागर: अग्निवीर भर्ती रैली में आए युवक का ऑटो में छूटा बैग, पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से दो घंटे में ढूंढ निकाले मूल दस्तावेज

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मध्य प्रदेश के सागर जिले में आयोजित अग्निवीर सेना भर्ती रैली में शामिल होने आए एक अभ्यर्थी का बैग ऑटो रिक्शा में छूट गया। इस बैग में अभ्यर्थी के सभी मूल दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री रखी हुई थी। अभ्यर्थी नरसिंहपुर जिले के ग्राम कठौतिया का निवासी है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से महज दो घंटे के भीतर खोए हुए बैग को तलाश कर अभ्यर्थी को सौंप दिया। पुलिस की इस तेज कार्रवाई से अभ्यर्थी को बड़ी राहत मिली, क्योंकि मूल दस्तावेज खो जाने की स्थिति में उसकी भर्ती प्रक्रिया में गंभीर बाधा आ सकती थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरसिंहपुर जिले के ग्राम कठौतिया निवासी पंकज पाल नामक युवक भारतीय सेना में अग्निवीर के पद पर भर्ती होने के लिए सागर आया था। सागर में इन दिनों अग्निवीर सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में युवा शामिल हो रहे हैं। पंकज पाल भी अपने सभी आवश्यक मूल दस्तावेज लेकर इस भर्ती रैली में भाग लेने के उद्देश्य से सागर पहुंचा था। भर्ती रैली में शामिल होने के दौरान या आने-जाने के क्रम में वह एक ऑटो रिक्शा में सवार हुआ। इसी दौरान जल्दबाजी में उसका बैग ऑटो रिक्शा में ही छूट गया।

जब पंकज पाल को यह एहसास हुआ कि उसका बैग उसके पास नहीं है, तो वह घबरा गया। इस बैग में उसके शैक्षणिक और अन्य मूल दस्तावेज मौजूद थे, जो सेना भर्ती रैली की प्रक्रिया के लिए अनिवार्य होते हैं। बिना मूल दस्तावेजों के किसी भी अभ्यर्थी को भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती है। ऐसे में पंकज के लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक थी, क्योंकि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद उसे सेना में भर्ती होने का अवसर मिला था और दस्तावेज खो जाने से उसका यह सुनहरा मौका हाथ से निकल सकता था।

बैग खो जाने की सूचना मिलते ही पंकज पाल ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। उसने पुलिस को बताया कि वह नरसिंहपुर जिले के ग्राम कठौतिया से आया है और अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने के लिए सागर में है। उसने यह भी बताया कि उसका बैग किस प्रकार ऑटो रिक्शा में छूट गया और उसमें क्या-क्या महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। अभ्यर्थी की परेशानी और मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।

सागर पुलिस ने इस मामले में तकनीकी मदद लेने का निर्णय लिया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उस क्षेत्र और मार्ग के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए, जहां से अभ्यर्थी ऑटो रिक्शा में सवार हुआ था। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को वह ऑटो रिक्शा नजर आ गया, जिसमें पंकज पाल सवार था। फुटेज के माध्यम से ऑटो रिक्शा की पहचान करने के बाद पुलिस ने ऑटो चालक तक पहुंचने के प्रयास तेज कर दिए। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने बहुत ही कम समय में संबंधित ऑटो रिक्शा और उसके चालक को ट्रेस कर लिया।

ऑटो रिक्शा का पता चलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान ऑटो में वही बैग बरामद हो गया, जो पंकज पाल का था। बैग को खोलकर देखा गया तो उसमें रखे सभी मूल दस्तावेज और अन्य सामग्री पूरी तरह सुरक्षित पाई गई। पुलिस ने यह बैग अभ्यर्थी पंकज पाल को सौंप दिया। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के मात्र दो घंटे के भीतर ही खोए हुए बैग को तलाश कर अभ्यर्थी को वापस दिला दिया।

अपने मूल दस्तावेज इतनी जल्दी और सुरक्षित वापस मिलने पर पंकज पाल ने राहत की सांस ली। उसने पुलिस की तत्परता और कार्यप्रणाली की सराहना की। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती, तो अभ्यर्थी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था और वह अग्निवीर भर्ती रैली की प्रक्रिया से बाहर हो सकता था।

सागर में आयोजित अग्निवीर सेना भर्ती रैली में मध्य प्रदेश के कई जिलों से हजारों की संख्या में युवा अपनी किस्मत आजमाने आ रहे हैं। नरसिंहपुर सहित आसपास के अन्य जिलों से भी बड़ी तादाद में अभ्यर्थी सागर पहुंचे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा अभ्यर्थियों की मदद के लिए उठाए गए इस तरह के त्वरित कदमों से युवाओं में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित किया कि तकनीक के सही उपयोग और तत्पर कार्रवाई से आम नागरिकों की बड़ी समस्याओं का समाधान बहुत कम समय में किया जा सकता है।