सीहोर: अघोषित बिजली कटौती से आक्रोशित ग्रामीणों ने हिंगोनी जोड़ पर नेशनल हाईवे किया जाम, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों ने समझाइश देकर खुलवाया रास्ता

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा उस समय सड़कों पर फूट पड़ा, जब उन्होंने हिंगोनी जोड़ पर नेशनल हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। श्यामपुर इलाके के निवासियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में यह कदम उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार हो रही बिजली कटौती से उनके रोजमर्रा के कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और खेती-किसानी के कार्यों में भी भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। इस चक्काजाम के कारण नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर रास्ता खुलवाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीहोर जिले के श्यामपुर क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा बिना कोई पूर्व सूचना दिए ही घंटों तक बिजली गुल कर दी जाती है। इस अघोषित कटौती के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से किसान वर्ग इससे सबसे अधिक प्रभावित है, क्योंकि खेतों में सिंचाई के लिए पंप चलाने हेतु बिजली की नितांत आवश्यकता होती है। बार-बार बिजली जाने से न केवल सिंचाई का कार्य रुक रहा है, बल्कि फसलों पर भी संकट मंडराने लगा है। इसके अलावा, आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों में पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई है। छोटे व्यापारी और दुकानदार भी इस कटौती से परेशान हैं, क्योंकि उनका दैनिक कारोबार प्रभावित हो रहा है।
बढ़ती समस्याओं और बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान न मिलने से नाराज श्यामपुर इलाके के ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया। आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में हिंगोनी जोड़ पर पहुंचे और नेशनल हाईवे पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता और भविष्य में बिना सूचना के बिजली न काटे जाने का आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली सप्लाई में बार-बार आ रही बाधा के कारण उनके रोजमर्रा के काम और खेती दोनों बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि बिजली विभाग एक निश्चित समय सारिणी जारी करे, ताकि लोग अपने कामकाज की योजना उसके अनुसार बना सकें।
ग्रामीणों द्वारा नेशनल हाईवे जाम किए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हिंगोनी जोड़ एक व्यस्त मार्ग होने के कारण कुछ ही देर में दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल स्थानीय पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से बातचीत शुरू की और उन्हें शांत रहने तथा सड़क खाली करने की अपील की। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, मामले की जानकारी बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों को भी दी गई। पुलिस के बुलावे पर बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि अघोषित बिजली कटौती की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी कारणों से यदि कहीं बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो उसे जल्द से जल्द सुधारने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में नियोजित कटौती की स्थिति में ग्रामीणों को पहले से सूचित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समझाइश और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया। काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया और हिंगोनी जोड़ पर नेशनल हाईवे का यातायात पुनः सामान्य हो सका। हालांकि, जाम खुलने के बाद भी कुछ देर तक सड़क पर वाहनों का दबाव बना रहा। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द अमल नहीं हुआ और बिजली कटौती का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो वे भविष्य में और भी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर निर्बाध बिजली आपूर्ति की बढ़ती मांग को दर्शाती है। कृषि प्रधान राज्य मध्य प्रदेश में किसानों की आय और उत्पादकता सीधे तौर पर समय पर मिलने वाली बिजली पर निर्भर करती है। ऐसे में अघोषित और अनियमित कटौती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर डालती है। वंदे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट में सभी तथ्य मौके पर उपस्थित ग्रामीणों और अधिकारियों के बयानों पर आधारित हैं। प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा दिए गए आश्वासनों पर अमल होता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल श्यामपुर क्षेत्र के लोगों में बिजली विभाग के प्रति रोष बना हुआ है।

